देश में ब्लैक और व्हाइट फंगस का भी कहर बढ़ने लगा है। इसी बीच गाजियाबाद में पीले फंगस का पहला मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में स्पेशलिस्ट डाक्टर प्रोफेसर डॉ. बीपी त्यागी के हवाले से दावा किया है कि, पीले फंगस का मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिसका इलाज चल रहा है।


yellow fungus बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के हर्ष अस्पताल में संजय नगर निवासी 45 वर्षीय मरीज पीले फंगस के साथ साथ ब्लैक और व्हाइट फंगस से भी ग्रसित हैं। डाक्टरों की माने तो मरीज की कई जांचें सामान्य आईं लेकिन गहनता से देखने पर मरीज में पीले फंगस का पता चला।

 

स्पेशलिस्ट डाक्टर बीपी त्यागी के मुताबिक, “इस फंगस को मुकोर सेप्टिक्स कहा जाता है, यह रेप्टाइल्स में मिलता है। इस बीमारी के इलाज में सिर्फ अम्फोटेरासीन बी इंजेक्शन लगता है। ठीक होने के बाद भी इसका घाव भरने में समय लगता है। वहीं मरीज की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं बताई जा रही है।

डॉ. त्यागी के अनुसार, अभी तक इस बीमारी के लक्षणों की बात करें तो शरीर में सुस्ती बनी रहती है, वहीं भूख कम लगती है, जिसके कारण वजन कम होने लगता है। शरीर के घाव भी धीरे-धीरे ठीक होते हैं।

साफ सफाई है जरूरी

डाक्टरों की माने तो इस बीमारी से बचने के लिए साफ-सफाई बहुत जरूरी है, अपने आस पास जितनी ज्यादा सफाई रखेंगे उतना इस बीमारी से सुरक्षित रह सकते हैं। ऐसे में गंदे महानगरों के लिए ये बीमारी बड़ी मुसीबत बन सकती है।

मरीज के बेटे अभिषेक के मुताबिक, “उनके पिता की कोरोना का इलाज चल रहा था और रिकवरी भी अच्छी हो रही थी। आखिरी दो तीन दिन में आंखों में सूजन आना शुरू हुई और अचानक बीते कल आंखे बंद हो गईं। नाक और पेशाब के रास्ते खून का रिसाव हो रहा था।”

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