त्रिवेंद्र से इतर जनता के बीच पहुंच रहे तीरथ, जनता से सीधे सुनी समस्याएं

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कोरोना को हराने के बाद अब तीरथ सिंह रावत जनता के बीच भी आने लगे हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बीजापुर गेस्ट हाउस में लोगों से मुलाकात शुरु कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने लोगों से उनकी समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए निर्देश दिए हैं।


 

ऐसा दृश्य काफी समय बाद देखने को मिला है जब मुख्यमंत्री और जनता के बीच सीधा संवाद हुआ है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में ये दृश्य देखने को नहीं मिला। त्रिवेंद्र सिंह रावत के बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए ऐसा दृश्य देखने को नहीं मिलता था। आमतौर पर त्रिवेंद्र सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर ही रहते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद शुरु शुरु में त्रिवेंद्र रावत ने जनता दरबार लगाया था। हालांकि महिला शिक्षक उत्तरा बहुगुणा का वाक्या होने के बाद आखिरकार त्रिवेंद्र रावत ने जनता दरबार से तौबा कर ली थी।

 

इसके बाद बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में कैबिनेट मंत्रियों के बैठने की शुरुआत कराई गई लेकिन हल्दवानी के एक व्यापारी के जहर खाने और उसकी मौत के बाद ये सिलसिला भी लगभग रोक ही दिया गया।

 

हालांकि मौजूदा हालात खासे बदले हुए हैं। तीरथ सिंह रावत और त्रिवेंद्र की जनता के बीच घुलने मिलने के तौर तरीके बिल्कुल अलग दिख रहें हैं। जहां त्रिवेंद्र के आसपास सुरक्षा का कड़ा घेरा होता था और आम नागरिकों का मुख्यमंत्री के साथ संवाद लगभग असंभव होता था वहीं तीरथ इस छवि के नहीं हैं। तीरथ सिंह रावत फिलहाल जनता से सीधा संवाद करने में भी कोई गुरेज नहीं कर रहें हैं। सीएम तीरथ के जरिए शुरु की गई रात्रि चौपाल भी इसी की एक कड़ी मानी जा सकती है। रात्रि चौपाल में सीएम खुद शामिल हो रहें हैं और अलग अलग इलाकों में लोगों के समूह से सीधे बातचीत कर रहें हैं।