देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव करवाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी को समाजवादी पार्टी (एसपी), जेडीयू और तेलंगाना राष्ट्र समिति  का साथ मिला है। वहीं डीएमके ने इसे संविधान के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।

दरअसल, केंद्रीय कानून आयोग ने दो दिन की बैठक आयोजित की है, जिसमें सभी राष्ट्रीय और राज्यों की मान्यता प्राप्त पार्टियों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। इसमें एक साथ चुनाव करवाने पर उनकी क्या राय है यह पूछा जा रहा है। केंद्रीय कानून आयोग में एसपी का पक्ष रखने के बाद राम गोपाल  यादव ने कहा कि ‘समाजवादी पार्टी’ एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में है। यह 2019 से ही शुरू होना चाहिए। साथ ही अगर राजनेता पार्टी बदलता है या हॉर्स ट्रेडिंग में संलिप्त पाया जाता है तो राज्यपाल को उनपर एक हफ्ते के अंदर ऐक्शन लेने का अधिकार होना चाहिए।’

वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने भी एक चुनाव पर सहमति दी है। पार्टी के चेयरमैन के चंद्रशेखर राव ने केंद्रीय कानून आयोग को पत्र लिखकर कहा, ‘हम लोग एकसाथ चुनाव करवाने के पक्ष में है।’ जनता दल यूनाइटेड ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में साफ किया कि वह ‘एक देश-एक चुनाव’ के मुद्दे पर बीजेपी के साथ है।

दूसरी तरफ मीटिंग में पहुंचे डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने बीजेपी के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने इसे संविधान के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ बताया।