उत्तराखंड में सरकार ने चार धामा यात्रा की गाइडलाइन जारी कर दी है। ये यात्रा आज से शुरु हो रही है।


char dham

केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा के लिए भले ही रोजाना पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या तय कर दी गई हो, पर यदि कोई यात्री रात को धामों में रुकना चाहे तो रुक सकता है।

देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रविनाथ रमन ने बताया कि चारों धामों में यात्रियों की संख्या दर्शन करने के लिए तय की गई है। इसके बाद यात्री चाहें तो धामों में रुक सकते हैं। लेकिन उन्हें इसके लिए कोविड नियमों का पालन करना होगा। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दर्शन को आने वाले दूसरे राज्य के श्रद्धालुओं को स्मार्ट सिटी के अलावा देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर भी पंजीकरण कराना होगा।

स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण से उन्हें राज्य में प्रवेश मिलेगा। जबकि, देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण से यात्रा का ई पास मिलेगा। राज्य के यात्रियों को केवल देवस्थानम बोर्ड की साइट पर पंजीकरण कराना होगा। चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश में यात्री सुविधा केंद्र: चारधाम यात्रा के लिए परिवहन विभाग, ऋषिकेश बस अड्डे पर यात्री सुविधा केंद्र का संचालन करेगा।

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यात्रा में जाने वाले कॉमर्शियल वाहनों को अनिवार्य तौर पर ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड भी बनवाना होगा। चारधाम यात्रा को लेकर शुक्रवार शाम परिवहन मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसके बाद परिवहन आयुक्त दीपेंद्र चौधरी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यात्रा संचालन को आरटीओ दून को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

जबकि एआरटीओ  ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, उत्तरकाशी, कोटद्वार, टिहरी, पौड़ी एवं कर्णप्रयाग को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। विभाग ने ऋषिकेश बस अड्डे पर सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक यात्री सुविधा केंद्र भी संचालित करने का निर्णय लिया है। ओवरस्पीड पर नजर रखने के लिए भी भद्रकाली और ब्रह्मपुरी में चेकपोस्ट बनाई जाएगी। विभाग ने कॉमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड अनिवार्य कर दिया है। ग्रीन कार्ड ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

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चारों धामों में एसडीएम को कोविड प्रोटोकॉल और एसओपी के अनुपालन को नोडल नामित किया गया है। एसओपी के अनुपालन कराने की पूरी जिम्मेदारी एसडीएम की होगी। समय समय पर जारी किए गए कोविड प्रोटोकॉल का पालन न होने की स्थिति में उत्तराखंड पुलिस आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, महामारी रोग अधिनियम 1897 और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगी।

चारधामों, जिलों एवं यात्रा मार्ग पर आइसोलेशन सेंटर के साथ कोविड केयर सेंटर, मेडिकल रिलीफ पोस्ट, फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर स्थापित हैं। सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को हर धाम के लिए स्वास्थ्य विभाग से एक नोडल अफसर की नियुक्ति की जाएगी। धाम या इसके निकट कोविड एंबुलेंस, सामान्य एंबुलेंस भी रहेगी। केदारनाथ-यमुनोत्री ट्रैकपर पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर-कंसंट्रेटर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।


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