तीरथ रावत का जन्मदिन पर जनता को रिटर्न गिफ्ट, गैरसैंण अब कमिश्नरी नहीं

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने जन्मदिन पर राज्य के लोगों को रिटर्न गिफ्ट दिया है। गैरसैंण कमिश्नरी का फैसला तीरथ कैबिनेट ने बदल दिया है।


उत्तराखंड में निजाम बदलने का असर अब दिखने लगा है। फिलहाल मौजूदा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने साफ कर दिया है कि वो जनभावनाओं को प्रचंड बहुमत के गुमान में नजरअंदाज करने की भूल नहीं करना चाहते हैं। बल्कि पहले की भूलों को सुधारने की जरूरत पड़ी तो वो भी करेंगे। गैरसैंण को कमिश्नरी बनाने का फैसला बदलना भी इसी भूल सुधार की एक कड़ी है।

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण के विधान सभा परिसर में बेहद उत्साह के साथ गैरसैंण कमिश्नरी बनाने का ऐलान किया था। हालांकि इसके तुरंत बाद कुमाऊं में उपजे असंतोष ने त्रिवेंद्र सरकार को असहज किया और हालात ये हुए कि मुख्यमंत्री का चेहरा बदलना पड़ गया।

इसके बाद से ही माना जा रहा था कि तीरथ सरकार गैरसैंण को कमिश्नरी बनाने का फैसला वापस ले लेगी। हालांकि सीएम के बीमार होने के चलते इस फैसले में थोड़ा वक्त लगा लेकिन आखिरकार फैसला हो ही गया। 9 अप्रैल को अपने जन्मदिन के मौके पर सीएम तीरथ सिंह रावत ने दिन भर लोगों की शुभकामनाएं स्वीकार करने के बाद रात में जनता को रिटर्न गिफ्ट दे डाला। खास तौर पर कुमाऊं की जनता को इस रिटर्न गिफ्ट का इंतजार इस फैसले के बाद से ही था।

फिलहाल गैरसैंण कमिश्नरी नहीं बनेगी और राज्य में मौजूदा दो ही कमिश्नरी काम करती रहेंगी। माना जा रहा है कि तीरथ सरकार का ये फैसला कुमाऊं में उनके लिए संजीवनी साबित हो सकता है।