देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि दावों के विपरीत रैली में भीड़ नहीं जुटी। वहीं संवैधानिक पद पर बैठे राज्याल की जनसभा की मौजूदगी पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।


पीएम नरेंद्र मोदी की शनिवार को देहरादून में रैली थी। इस रैली के जरिए पीएम मोदी ने उत्तराखंड में बीजेपी के चुनावी अभियान का आगाज किया है। हालांकि पीएम मोदी की रैली पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा है कि, पीएम नरेंद्र मोदी की रैली उम्मीद नहीं जगाती है।

हरीश रावत कहते हैं कि, प्रधानमंत्री जी ने बहुत लंबा भाषण दिया, उम्मीदें बढ़ाने वाला भाषण नहीं दिया, केवल राजनैतिक भाषण दिया, जिस भाषण में जुमलों की बरसात हुई। मगर जुमले सबको मालूम हैं, वो जुमले ही रह जाते हैं।

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वहीं उत्तराखंड कांग्रेस की गढ़वाल मीडिया प्रभारी गरिमा दसौनी ने पीएम मोदी की रैली में लोगों की भीड़ को लेकर बीजेपी के दावों पर सवाल उठाया है। गरिमा दसौनी ने कहा है कि एक लाख की भीड़ जुटाने की बात कर रही बीजेपी कुछ हजार की भीड़ जुटा पाई। लोग पीएम के भाषण के दौरान ही उठ कर जाने लगे।

वहीं गरिमा दसौनी ने राज्यपाल के मंच पर मौजूदगी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। गरिमा ने कहा है कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद होता है। ऐसे में राज्यपाल का राजनीतिक मंच पर मौजूद होना हैरानी भरा है।


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