उत्तराखंड में विकास की राह पेड़ों को काट कर निकाली जा रही है। ऐसा ही कुछ करने की तैयारी देहरादून के सहस्त्रधारा रोड पर चल रही है। इस रोड के लगभग 2200 पेड़ों को चिह्नित कर काटने की तैयारी की जा रही है। सरकार यहां से एक रिंग रोड निकाल रही है। जोगीवाला से सहस्त्रधारा चौराहे तक रिंग रोड के विस्तारीकरण का काम किया जाना है।


chipko movement in dehardunवहीं पेड़ों की काटने की योजना के बारे में पता चलते ही देहरादून के नागरिक नाराज हैं और पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन पर उतर आए हैं। हालात ये हैं कि सैकड़ों की संख्या में लोग रविवार को सहस्त्रधारा रोड पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, जागरुक नागरिक और यहां तक कि बच्चे भी शामिल थे। इन लोगों ने पेड़ों से लिपट कर इन्हें काटने के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। हाथों में तख्तियां लिए ये लोग पेड़ों को बचाने की अपील करते रहे। बड़ी संख्या में पहुंचे बच्चों ने अलग अलग तरह की पेंटिंग्स के जरिए पेड़ों को बचाने की अपील की। महिलाओं ने पेड़ों के इर्दगिर्द मौली बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया।

जब ISBT के शौचालय में निरीक्षण को पहुंच गए सीएम पुष्कर सिंह धामी

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं सिटीजन फॉर ग्रीन दून, मैड अबाउट दून, डू नॉट ट्रैश, तितली ट्रस्ट, फ्रेंड ऑफ द दून, आईडील जैसी संस्थाओं के पदाधिकारी, सदस्य खलंगा स्मारक पर इकट्ठा हुए और चिपको आंदोलन की शुरुआत की।

बननी है रिंग रोड

सहस्त्रधारा रोड को जोगीवाला रिंग रोड की योजना के तहत चौड़ा करने की योजना बनाई जा रही है। सरकार इस रिंग रोड के विस्तारीकरण में आड़े आ रहे 2200 पेड़ों को काटने की तैयारी कर रही है। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि देर सबेर ये पेड़ काटे ही जाएंगे।

 देखते बनती है खूबसूरती

सहस्त्रधारा रोड पर ऊंचे घने पेड़ों की लंबी कतार है। सड़क के दोनों किनारों पर लगे वर्षों पुराने ये पेड़ सहस्त्रधारा क्रासिंग से ऊपर की ओर बढ़ते ही एक अलग एहसास कराते हैं। पेड़ों की घनी छांव लोगों को राहत देती है। इन पेड़ों में से कई पेड़ ऐसे हैं जिनमें फूल भी आते हैं। ऐसे में जब सड़क के दोनों ओर फूलों से लदे पेड़ दिखते हैं तो इस पूरी रोड की खूबसूरती देखते ही बनती है।

चाहें तो आप भी शामिल हो जाएं

अगर इन पेड़ों को बचाने की मुहिम में आप भी शामिल होना चाहते हैं को यहां एक ऑनलाइन पिटीशन का लिंक दे रहें हैं। आप उसे साइन कर सकते हैं। इसके साथ ही आप ये खबर अन्य लोगों के साथ साझा कर इस मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं। लिंक ये रहा – https://chng.it/TxHjNZCbPD


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