कुंभ के समापन पर आज हो सकता है फैसला, निरंजनी और आनंद अखाड़ा कर चुके घोषणा

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उत्तराखंड में अब कुंभ खत्म करने की तैयारी है। खबरें हैं कि संतों ने जीवन रक्षा के लिए कुंभ के आयोजन को खत्म करने का ऐलान कर लिया है। दो अखाड़ों ने इस संबंध में घोषणा कर भी दी है। इसके बाद अन्य अखाड़े भी तैयारी कर रहें हैं।


haridwar kumbh

हरिद्वार में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भले ही उत्तराखंड सरकार ने कुंभ को जल्दी खत्म करने का फैसला नहीं लिया हो लेकिन अखाड़ों ने अपनी जिम्मेदारी दिखाते हुए खुद ही अपने स्तर से कुंभ के समापन का ऐलान कर दिया है। अखाड़ों ने अपने अनुयायियों को हरिद्वार से लौट जाने और बचे हुए शाही स्नान में न आने की अपील जा कर दी है। निरंजनी अखाड़े और आनंद अखाड़ा ने अपने स्तर से कुंभ के समापन की घोषणा कर दी है। इन अखाड़ों ने अपने अनुयायियों को बचे हुए शाही स्नान के लिए हरिद्वार न आने के लिए कह दिया है। इन अखाड़ों ने हरिद्वार में मौजूद अपने अनुयायियों, अखाड़ों से जुड़े संत, महात्माओं, साधुओं को वापस लौटने के लिए कह दिया है। निरंजनी अखाड़े के कुंभ मेला प्रभारी एवं सचिव महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कोरोना का प्रसार तेज हो गया है। साधु संत और श्रद्धालु इसकी चपेट में आने लगे हैं। निरंजनी अखाड़े के साधु संतों की छावनियां 17 अप्रैल को खाली कर दी जाएंगी।

महाकुंभ में अभी तक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी समेत करीब 12 संत संक्रमित आ चुके हैं। कई श्रद्धालु भी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। अन्य अखाड़ों के संत भी संक्रमण की जद में हैं। अखाड़े में आयोजित पट्टा अभिषेक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हरिद्वार की स्थिति अच्छी नहीं है। अखाड़े के जिन संतों को 27 अप्रैल का स्नान करना होगा, वे 40 से 50 संत अलग-अलग पैदल चले जाएंगे। इसका फैसला भी उस समय के हालात देखकर लिया जाएगा।

वहीं माना जा रहा है कि निरंजनी और आनंद अखाड़े के बाद अन्य अखाड़े भी कुंभ के समापन की घोषणा कर सकते हैं। जूना अखाड़ा और महानिर्वाणी अखाड़े में इस संबंध में चर्चा की खबरें हैं। संभव है कि आज या कल में इसकी औपचारिक घोषणा हो जाए। अगर ऐसा होता है तो हरिद्वार को कोरोना का हॉट स्पाट बनने से रोका जा सकेगा।

हरिद्वार में पिछले कुछ दिनों में कोरोना की रफ्तार बेहद तेजी से बढ़ी है। हालात ये हैं कई संत महात्मा भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं. महामंडलेश्वर कपिल देव जी महाराज का कोरोना से निधन हो गया है। तकरीबन तीस से अधिक संत कोरोना संक्रमित हैं।