पिछले एक पखवाड़े में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों को खोलने के ठीक नौ दिन बाद उन्हें 22 अगस्त तक बंद कर दिया है।


प्राइमरी स्कूल schools openingमुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार रात शिमला में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

हालांकि, स्कूलों के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ शिक्षण संस्थानों से काम करना जारी रखेंगे।

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग आवासीय या बोर्डिंग स्कूलों के लिए नए मानक संचालन प्रक्रिया जारी करेगा।

अब RTPCR टेस्ट जरूरी

कैबिनेट ने 13 अगस्त से राज्य में आने वाले सभी लोगों के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षण अनिवार्य करने का निर्णय लिया। राज्य में आने वाले किसी भी व्यक्ति को टीकाकरण प्रमाण पत्र या 72 घंटे से अधिक पुरानी आरटी-पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) नेगेटिव रिपोर्ट जो 24 घंटे से अधिक पुरानी न हो, भी मान्य होगी।

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50% क्षमता पर चलेंगी बसें

13 अगस्त से बसों को 50 फीसदी सीटिंग कैपेसिटी पर चलाने की इजाजत होगी। अंतर-राज्यीय सार्वजनिक परिवहन बसों के लिए, परिवहन विभाग कोविड-19 नकारात्मक रिपोर्ट या वैक्सीन प्रमाण पत्र की जांच के लिए एक तंत्र तैयार करेगा। केवल पात्र यात्रियों को ही बसों में चढ़ने की अनुमति होगी।

उत्तराखंड में भी स्कूलों को खोलने के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। राज्य सरकार ने दावा किया है कि स्कूलों में कोविड नियमों का पालन किया जा रहा है। हालांकि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्य सरकार के इंतजाम नाकाफी हैं और कोविड संक्रमण की चपेट में आने का खतरा है।

आपको बता दें कि राज्य सरकार ने हाल ही में कक्षा नौ से 12वीं तक के स्कूल खोलने के आदेश दिए हैं। कक्षा छह से आठवीं तक के छात्रों के लिए स्कूल 16 अगस्त से खोलने की तैयारी है।


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