Uttarakhand: उत्तराखंड में बीजेपी ने अपनी विधानसभा तैयारियों को तेज कर दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दो दिनों तक उत्तराखंड में पार्टी नेताओं से मंथन करने के बाद अब वापस लौट गए हैं। इस दौरान जेपी नड्डा ने पार्टी के नेताओं को सत्ता में वापसी का मंत्र दिया है।


Uttarakhand jp nadda and pushkar singh dhami

 

अपने दौरे के दौरान जेपी नड्डा ने लगभग एक दर्जन से अधिक बैठकें की हैं। इन बैठकों में पार्टी के पदाधिकारियों के साथ ही सरकार के मंत्रियों के साथ की बैठकें भी शामिल थीं।

 

दावा है कि बीजेपी साठ से अधिक सीटें जीतने के लिए रणनीति बना रही है। पार्टी के कार्यकर्ताओं को बहुमत के साथ ही लगभग 62 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया गया है।

आधार क्या है ? 

हालांकि सवाल ये है कि बीजेपी के पास इस दावे के आधार क्या हैं? क्या ये दावा सिर्फ एक परसेप्शन तैयार करने के लिए किया जा रहा है या फिर वाकई में बीजेपी के पास इसके पीछे कोई रणनीतिक तैयारी है।

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बीजेपी के लिए सबसे बड़ा सवाल पांच सालों में तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने का ही होगा। राज्य की जनता निश्चित तौर पर बीजेपी से ये सवाल पूछेगी कि प्रचंड बहुमत की सरकार होने के बाद भी मुख्यमंत्री बदलने की नौबत क्यों आई? त्रिवेंद्र सिंह रावत को सीएम बनाने का फैसला किसका था और उन्हें हटाने का निर्णय किसकी सलाह से हुआ?

जनता पूछेगी तो जरूर

यही नहीं जनता ये भी पूछेगी कि त्रिवेंद्र के बाद तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाने की वजह क्या थी? बीजेपी का वो कौन सा थिंक टैंक था जो उन्हें तीरथ सिंह रावत को सीएम बनाने के लिए कह रहा था?

 

ये वो तमाम सवाल हैं जो बीजेपी के टोली दलों से लेकर मुख्यमंत्रियों तक से पूछे जाएंगे। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर 62 सीटें जीतने का मंत्र क्या होगा?

 

हैरानी की बात ये रही है कि जेपी नड्डा ने इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है। संभव हो कि ये बात पार्टी के नेताओं की अंदरुनी बैठक में उठी हो लेकिन सवाल सार्वजनिक हो सकते हैं और इस संबंध में पार्टी के बड़े नेताओं को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करना होगा और अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को तैयार करना होगा।

 

ये ऐसे मसले हैं जो बीजेपी को मुश्किल में डालेंगे और जब आम आदमी पार्टी का दखल हो गया हो और कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी तेज हो रही हो तो दिक्कतें स्वाभाविक हैं।

 

फिलहाल बीजेपी के पास इन चुनावों में तीन पूर्व मुख्यमंत्री होंगे और 62 सीटें जीतने का स्वयंभू लक्ष्य। बीजेपी के लिए ये लक्ष्य साध्य होगा ये समय तय करेगा।


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