यदि आप एक ही आसन में लंबे समय तक बैठे रहते हैं तो आपके हाथों और पैरों में झुनझुनी की समस्या होती है। एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने के दौरान हाथ और पैर में झनझनाहट उत्पन्न होने लगती है, यह किसी बीमारी का अंदेशा नहीं होता है। हाथों और पैरों में झुनझुनी (झनझनाहट) की वजह से आपके हाथ और पैर कुछ देर के लिए सुन्न हो जाते हैं, इस दौरान आपको चुभन जैसी तकलीफ का एहसास होता है।


 

ऐसे समय में हाथ-पैर हिलाने में आप असमर्थ महसूस करते हैं। साथ ही शरीर के किसी हिस्से में अंदरुनी चोट की वजह से भी झनझनाहट पैदा हो सकती है, हमारे शरीर में ज्यादा झुनझुनी आना हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। ऐसे में अपने डॉक्टर से परामर्श लेने में ही समझदारी है। हाथ−पैरों में झनझनाहट और सुन्न होने की समस्या के विभिन्न कारण हो सकते हैं। कुछ बीमारियां जैसे थायराइड, मधुमेह, स्ट्रोक व अन्य कई बीमारियों के कारण भी हाथ−पैरों में झनझनाहट और सुन्न होने की समस्या होती है। ऐसे में डॉक्टर से जरुर संपर्क करें।

हम रात में एक ही अवस्था में देर तक सोए रहते हैं, जिससे हमारे पैर या हाथ सुन्न हो जाते हैं या उसमें झुनझुनी चढ़ जाती है, इस दौरान हाथ या पैर के जिस हिस्से में झुनझुनी हुई है, स्पर्श करने से किसी तरह का एहसास नहीं होता है। साथ ही हम अपने हाथ और पैर का मूवमेंट करने में असमर्थ हो जाते हैं। थोड़ा सा दर्द भी महसूस होने लगता है। उस जगह पर थोड़ी देर मालिश करने से हाथों और पैरों की झुनझुनाहट को दूर किया जा सकता है। यदि मालिश के बाद भी झुनझुनाहट दूर नहीं होती तो किसी बीमारी का अंदेशा हो सकता है।

रक्त संचार की कमी की वजह से भी हाथ और पैर में झनझनाहट होने लगती है। हमारे शरीर में यदि रक्त संचार ठीक से नहीं होता है तो हमारी नसों में इसका असर होता है, जिससे हमारे शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन ठीक से पहुंच नहीं पाती और हमें शरीर में झनझनाहट और सुन्न जैसी अवस्था का सामना करना पड़ सकता है।

यदि हम नसों से संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं तो हमारे हाथ-पैर की अंगुली व जोड़ सुन्न पड़ जाते हैं, हमारे हाथों और पैरों में ऐसा एहसास होता है कि जैसे किसी ने सुई चुभा देती है, यह दर्द कभी कभी असहनीय होती है। ऐसे में किसी डॉक्टर से इलाज जरुर करवा लें।

अगर आपकी हाथों की अंगुलियों और कलाई में लंबे समय तक झनझनाहट रहती है या वह सुन्न पड़ जाते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करें। यह लक्षण कार्पल टनल सिंड्रोम बीमारी के हो सकते हैं, जिसमें कलाई की बीच की नस जो हाथ और बाजू तक जाती है, बीच की नस दब जाने से अंगुलियों में झनझनाहट की शिकायत हो सकती है।

हाथों में झनझनाहट की वजह लगातार टाइपिंग करने की वजह से भी होती है, लैपटॉप, मोबाइल और कम्प्यूटर में बहुत देर टाइपिंग करने की वजह से भी कलाई की नसों पर बुरा असर पड़ता है। आजकल लोग घंटों एक ही पोजीशन में बैठकर मोबाइल में खेलते रहते हैं, काफी देर हाथों को एक ही पोीजशन में रखे रहने से भी हाथ में झनझनाहट होने लगती है।

कमर या गर्दन की नस दब जाने की वजह से भी पैरों में झनझनाहट होती है, हमारे पैरों और हाथों में झनझनाहट की वजह चोट लगने, गलत तरीके से बैठने के कारण भी हो सकता है। रीढ़ की हड्डी के खराब होने से आसपास की नसों पर दबाव बनता है। ऐसे में सर्वाइकल की समस्या शुरू हो जाती है। इससे भी हाथ-पैर सुन्न होने लगते हैं।

हाथों और पैरों में झनझनाहट की समस्या उन लोगों को भी हो सकती है, जो लोग शराब का अधिक सेवन करते हैं। शराब के अधिक सेवन की वजह से कोशिकाओं में झनझनाहट होने लगती है, जिससे हाथ व पैर सुन्न हो जाते हैं।

​हाथों और पैरों में झनझनाहट या सुन्न होने के कारण

how to control diabetes

 

डायबिटीज

हाथों और पैरों में हमेशा झनझनाहट की वजह डायबिटीज भी होती है। इसीलिए अपना शुगर समय- समय पर चेक करवा लेना चाहिए और दवाओं व उचित खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

​थाइरॉयड

हम बहुत बार बीमारियों की अनदेखी करते हैं, हाथ व पैरों में अकड़न व झनझनाहट का थाइरॉयड की वजह से भी हो सकती है। गले की थाइरॉयड ग्रंथि में गड़बड़ होने की वजह से भी हाथ और पैर सुन्न हो जाते हैं, या हाथों और पैरों में झनझनाहट बनी रहती है। ऐसे में डॉक्टर से इलाज करवाएं और ब्लड की जांच करवाएं।

​विटामिन की कमी

विटामिन की कमी की वजह से भी हमारे हाथों और पैरों में झनझनाहट होती है। विटामिन बी 12 की कमी की वजह से हाथों में झनझनाहट और सुन्न होने की शिकायत हो सकती है। डॉक्टर की उचित सलाह के चलते आप विटामिन की दवाईयों ले सकते हैं।