दिल्ली में अपनों के शव लेने के लिए भी करना पड़ रहा है कई दिनों का इंतजार

116

दिल्ली दंगों में मरने वालों की संख्या 40 पार कर चुकी है। कई लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहें हैं। वहीं अस्पतालों के शवदाह गृह में अपनों की पहचान करने और उनके शव लेने के लिए परिजनों की भीड़ देखी जा रही है। ये तस्वीरें किसी को भी परेशान कर सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो कई लोगों का आरोप है कि अस्पतालों में उनकों शवों की पहचान नहीं कराई जा रही है। इससे कई लोग दंगों में मारे गए अपने सगे संबंधियों का शव लेने के लिए भी कई दिनों से भटक रहें हैं। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में 20 शव अब भी पड़ें हैं। इनका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। कई लाशें ऐसी हैं जो पूरी तरह से जल चुकी हैं उनका पोस्टमार्टम करना मुश्किल है। सिर्फ डीएनए टेस्ट से ही उनकी पहचान हो सकती है।

यह भी पढ़े :   हिमाचल में कम हो रहा है स्नो कवर, हिमालयी राज्यों के लिए हो सकता है खतरा

रिपोर्ट बताती है कि यही हाल रहा तो पोस्टमार्टम करने में ही 5 से 6 दिन का समय लग सकता है।

वहीं दिल्ली दंगों में मारे गए कई लोग ऐसे हैं जो दिल्ली में अकेले रहते थे और उनके परिजन गांवों में रहते हैं। ऐसे लोगों के शव अब भी अस्पताल में हैं और उनके परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है।

Also Read – तस्वीरों में देखिए दिल्ली में हुई हिंसा

वहीं भड़काऊ भाषण पर कार्रवाई न होने से दिल्ली बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के हौसले अब खासे बुलंद हो चुके हैं। कपिल मिश्रा ने एक बार फिर दिल्ली के जंतर मंतर पर शांति मार्च का ऐलान किया है। गौरतलब है कि दिल्ली चुनावों के दौरान कपिल मिश्रा अपने भड़काऊ भाषणों को लेकर चर्चा में रहे। पूर्वी दिल्ली में कपिल मिश्रा का एक नफरत भरा वीडियो खासा वायरल हुआ जिसमें वो साफ तौर पर धमकी देते हुए दिखे।

यह भी पढ़े :   इस सासू मां ने अपने दामाद के लिए बनाई 67 तरह की dishes, सोशल मीडिया में वीडियो वायरल

कपिल मिश्रा CAA विरोधियों के जरिए शाहीन बाग में चल रहे धरने को खत्म किए जाने का दबाव बना रहे थे। कपिल मिश्रा की अगुवाई में CAA समर्थकों के बड़े हुजूम भी इकट्ठा हुए और तनाव लगातार बढ़ता गया।

हालांकि दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि केंद्रीय नेताओं ने कपिल मिश्रा का अपने बयानों में बचाव भी किया।

दिल्ली हिंसा के बाद सोनिया गांधी ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा

 




LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here