संशोधन। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तारीखें बदली है केदारनाथ की नहीं

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कोरोना के संकट का असर अब स्वयं नारायण द्वार तक पहुंच गया है। उत्तराखंड में स्थित भगवान बद्रीनाथ मंदिर कपाट खुलने की तारीख अब बदल दी गई है।

सोमवार को इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य के आला अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद ये निर्णय लिया गया। इस संबंध में पहले ही टिहरी रियासत के महाराजा से अनुमति ली जा चुकी थी।

सरकार को ये फैसला बद्रीनाथ में पारंपरिक रूप से पूजा कराने वाले रावलों (पुजारी) के क्वारनटाइन किए जाने के बाद लेना पड़ा। ये रावल दक्षिण भारत से इन मंदिरों में आते हैं। आदि शंकराचार्य ने ये नियम बनाए थे। उसी काल से ये नियम चलते आ रहें हैं। इस नियम के तहत दक्षिण भारत के विशिष्ट रावलों को ही मंदिर के कपाट खोलने की अनुमति है।

कोरोना के संकट काल में दोनों रावलों के दक्षिण भारत से उत्तराखंड पहुंचने को लेकर संशय बना हुआ था। हालांकि वो पहुंच तो गए लेकिन लॉकडाउन के नियमों के तहत उन्हे क्वारनटाइन में रहना होगा। फिलहाल रावल क्वारनटाइन कर दिए गए हैं। 

ये क्वारनटाइन अवधि पहले से निर्धारित कपाट खुलने की तिथियों के बाद पूरी हो रही है। ऐसे में सरकार ने जानकारों से राय लेकर नई तिथि की घोषणा की है।

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नई तिथियों के अनुसार भगवान बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 15 मई को खुलेंगे।

हालांकि केदारनाथ मंदिर के कपाट पूर्व की भांति 29 अप्रैल को ही खोले जाएंगे। पूर्व में ये सूचना आई थी कि केदारनाथ मंदिर के कपाट 14 मई को खुलेंगे। इस संबंध में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री का एक वीडियो बयान भी सामने आया था। इसी आधार पर रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। हालांक बाद में केदारनाथ के पुजारियों ने कपाट खुलने के तिथि में बदलाव से इंकार किया। इसके बाद निर्धारित 29 अप्रैल को ही मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।

(ये पोस्ट नई तिथि की घोषणा के बाद अपडेट की गई है।)

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