गजब सरकार। घंटे भर में वापस लिया IAS अधिकारियों का तबादला आदेश

137

उत्तराखंड में अधिकारियों की मनमानी अधिक है सरकार की हड़बड़ी ये तय करना अब मुश्किल हो गया है। ऐसा आज हुए एक फैसले के आधार पर कहा जा सकता है। दरअसल तकरीबन नौ बजे के आसपास राज्य में दो IAS अधिकारियों के तबादला आदेश जारी हुए है। इस आदेश में विनीत कुमार को उत्तरकाशी और मयूर दीक्षित को बागेश्वर में डीएम के पद पर तैनात किया गया था। अभी ये आदेश जारी ही हुआ था और समाचार माध्यमों में खबर प्रकाशित ही हुई थी कि रात 10 बजे के आसपास एक नया आदेश सरकार की ओर से जारी कर दिया गया है। ये आदेश हैरान करने वाला था। इस आदेश में सरकार ने अपने घंटे दो घंटे पहले दिए गए आदेश को ही निरस्त कर दिया था। इस आदेश में दोनों ही अधिकारियों की मौजूदा तैनाती को यथावत रखा गया था और उनके तबादले को निरस्त कर दिया गया था।

यह भी पढ़े :   इस हफ्ते देहरादून में लॉकडाउन नहीं, रविवार को रहेगी बंदी

इस आदेश के आने सरकार के फैसलों पर सवाल उठने लाजमि थे। घंटे भर में अगर सरकार डीएम जैसे महत्वपूर्ण पदों के अधिकारियों के तबादले आगे पीछे करती रहेगी तो इससे सरकार के असमंजस में होने की आशंका प्रबल होती है। फिलहाल आपको ताजा आदेश दिखाते हैं –

देखा आपने, ये आदेश 1 अगस्त का है और इसकी पत्रांक संख्या को गौर करिए। इसमें कार्मिक व सतर्कता विभाग अनुभाग – 1 की पत्रांक संख्या 360 पड़ी हुई है। अब इसके ठीक पहले का आदेश देखिए जो हमने नीचे लगाता है। ये भी कार्मिक व सतर्कता विभाग अनुभाग – 1 का आदेश है। इस आदेश की पत्रांक संख्या 359 है। ये दोनों आदेश एक के बाद एक जारी किए गए और एक ही दिन में जारी हुए। कुछ घंटों के अंतराल में। पहले के आदेश में विनीत कुमार को बागेश्वर के डीएम पद से हटाकर उत्तरकाशी भेजने और उत्तरकाशी के डीएम मयूर दीक्षित को बागेश्वर भेजने का आदेश है। महज कुछ ही देर में ये आदेश बदल दिया गया।

यह भी पढ़े :   उत्तराखंड। समूह ग के तीन हजार पदों पर जल्द होगी भर्तियां

उत्तराखंड में अफसरों के आदेश को लेकर पिछले कुछ दिनों से अजीब घटनाक्रम सामने आ रहें हैं। हाल ही में सरकार ने वन विभाग के अधिकारियों के ट्रांसफर किए थे। इसमें अधिकारियों की मनमानी खुलकर सामने आई थी। इन तबादलों में वन विभाग के अधिकारियों ने सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए अधिकारियों की संख्या से अधिक अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया था। मामला पकड़ में आया तो अगले ही दिन बिना स्वीकृति के हुए तबादलों को निरस्त किया गया। फिलहाल इस बार खुद सरकार ने फैसला लिया और डीएम जैसे पद के अधिकारियों के तबादले बदले हैं इससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल तो उठेंगे ही।




LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here