फिलहाल छात्रों की पढ़ाई को लेकर HRD मंत्रालय के पास कोई योजना नहीं है!

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अमेरिका से अधिक आबादी की छात्र संख्या वाले देश की सरकार के पास कोरोना से उपजी परिस्थितियों के मद्देनजर फिलहाल कोई योजना नहीं है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय फिलहाल 14 अप्रैल का इंतजार कर रहा है। 14 अप्रैल की स्थितियों की समीक्षा के बाद ही आगे के लिए कोई फैसला लिया जाएगा।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को कहा है कि कोरोना वायरस संकट पर स्थिती की समीक्षा 14 अप्रैल को की जाएगी। इसके बाद ही सरकार स्कूल, कॉलेज खोलने का निर्णय लेगी। विभिन्न समाचार माध्यमों में रमेश पोखरियाल निशंक का ये बयान प्रकाशित हुआ है। एचआरडी मंत्री ने कहा है कि छात्रों और अध्यापकों की सुरक्षा ही सरकार के लिए सर्वोपरि है। निशंक ने कहा है कि अगर 14 अप्रैल के बाद भी शिक्षण संस्थाओं को बंद रखने की जरूरत पड़ी तो छात्रों की पढ़ाई का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। निशंक ने कहा है कि देश में छात्रों की आबादी 34 करोड़ है और ये अमेरिका की आबादी से अधिक है। इनकी सुरक्षा करना सरकार के लिए सबसे बड़ा काम है।

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गौरतलब है कि होली की छुट्टियों के बाद से ही स्कूल कॉलेज नहीं खुल पाए हैं। कोरोना के संकट के चलते शिक्षण संस्थान बंद हैं। कई स्कूलों में नए सेशन की पढ़ाई शुरु भी नहीं हो पाई। केंद्रीय विद्यालयों को 27 मार्च से खुलना था। यहां एक अप्रैल से नया सेशन शुरू होता है।

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