पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में दवाओं के लिए लोग परेशान, दुकानों के बाहर लगी लंबी लाइनें

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उत्तर प्रदेश में भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लॉकडाउन के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए दिन रात लगे हुए हैं लेकिन लापरवाह अफसर उनकी कोशिशों का पलीता लगा दे रहें हैं। हैरानी ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जिला प्रशासन की लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ गई। सूत्रों की माने तो स्थानीय जिला प्रशासन के लापरवाह रवैए की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और पीएमओ तक से करनी पड़ी। तब जाकर आनन फानन में जिला प्रशासन ने दवाओं की दुकानों को खोलने के निर्देश दिए गए।

वाराणसी जिला प्रशासन के लापरवाह रवैए के चलते कोरोना संक्रमण पर लगाम नहीं लग पा रही है। वाराणसी में कोरोना संक्रमण के रोज नए मामले सामने आ रहें हैं। हालात ये हैं कि क्वारनटाइन किए गए लोगों को भी सख्ती से घरों में पाबंद कराने में लापरवाही बरती जा रही है। वाराणसी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 61 तक पहुंच चुकी है।

शुरुआती दिनों में सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के सख्ती से पालन कराने में भी जिला प्रशासन की लापरवाही चर्चाओं में है। बनारस के बाजारों और सघन इलाकों में स्थानीय लोगों के मुताबिक सैनिटाइजेशन की व्यवस्था भी नहीं कराई गई।

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चिकित्सा सुविधाओं के लिए वाराणसी एक बड़ा केंद्र है। न सिर्फ वाराणसी या पूर्वांचल के बल्कि, आसपास के अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां इलाज के लिए आते हैं। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या रोक पाने में नाकाम प्रशासन ने वाराणसी में तीन मई तक के लिए बिना पुख्ता तैयारी के पूरी तरह से लॉकडाउन का ऐलान कर दिया। दवा की दुकानों को भी बंद करने का ऐलान कर दिया गया। हालात ये हुए कि गुरुवार को दवाओं के लिए लोग परेशान होने लगे।

दवा की जिन दुकानों के फोन नंबर जारी किए गए उनसे कोई गंभीर रिस्पांस नहीं मिला। कुछ नंबर उठे नहीं तो कई नंबरों को स्विच ऑफ पाया गया। इसके बाद लोगों ने जिला प्रशासन से रिस्पांस मांगा। जिला प्रशासन की शिथिलता के कारण लोगों को मुख्यमंत्री कार्यालय और पीएमओ तक से शिकायत करनी पड़ गई। इसके बाद जिला प्रशासन के पेंच टाइट किए गए।

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इसके बाद शुक्रवार को दवाओं की दुकानें खोली गईं। जिला प्रशासन को दवाओं के लिए हो रही लोगों की परेशानी का अंदाज नहीं था। लिहाजा महज एक घंटे के लिए दवा की दुकानें खोलने की अनुमति दी गई। दवा की दुकानों के बाहर लोगों की लंबी लाइने लगीं तो प्रशासन को समझ आया कि एक घंटा कम है। इसके बाद दवा की दुकानों को तीन बजे तक खोलने का निर्देश जारी हुआ। इस दौरान दवा की दुकानों के बाहर लोगों की लंबी लाइने नजर आईं।

 

तमाम प्रयासों के बावजदू वाराणसी में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। बीते 48 घंटे में 8 नए केस सामने आए। इनमें तीन पुलिसकर्मी, पोस्‍ट ऑफिस का कर्मचारी और वार्ड बॉय शामिल है। अब जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 61 हो गई है। इसके बाद प्रशासन ने लॉकडाउन में सख्ती की। दो दिन पूर्ण बंदी के बाद शुक्रवार को दूध की दुकानों को सुबह सात से आठ और दवा की दुकानों को 11 से 12 बजे दोपहर तक ही खुलने की छूट दी गई। जिससे दवा की दुकानों पर लोगों की खासी भीड़ देखने को मिली।

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तपती धूप में रोड पर खड़े मिले लोग

मडुआडीह, नदेसर आदि क्षेत्रों में शुक्रवार की दोपहर मेडिकल स्टोर्स पर दवा खरीददारों की लंबी लाइन नजर आई। कई जगह पर पुलिस भी मुस्तैद दिखी, जो लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा रही थी। तपती धूप में लोग लाइन लगाकर दवा के लिए रोड पर खड़े थे। लेकिन एक घंटा पड़ गया। कुछ लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। जब यह बात डीएम कौशलराज शर्मा को पता चली तो उन्होंने दवा की दुकानों के खोलने में थोड़ी और ढील दी है। अब दुकानें 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक खुलेंगी।

6 तस्वीरों में देखिए काशी के अलग-अलग हिस्सों का हाल- 

सबसे पहले पहले कबीर चौरा इलाके में भीड़ देखने को मिली। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर यहां पुलिस द्वारा लगातार एनाउंस किया जा रहा है।




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