सावधान – हो सकती है आपके फोन की टेपिंग, इन सरकारी एजेंसियों को है अधिकार

166

वॉट्सऐप कॉल और संदेशों की टैपिंग विवादों के बीच भारत सरकार ने उन एजेंसियों के नामों का खुलासा किया है कि जो जरूरत पड़ने पर किसी का भी फोन टैप कर सकती हैं। बस उन्हें सक्षम प्राधिकारी से इस काम के लिए अनुमति लेनी होगी। सक्षम प्राधिकारी संबंधित व्यक्ति और विभाग की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकता है। सरकार ने यह भी बताया कि देश में केवल 10 एजेंसियों के पास यह अधिकार है कि वे किसी का भी फोन टैप कर सकें। इस बात की जानकारी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में दी।

यह भी पढ़े :   नेपाली गीतों में अब टनकपुर और अल्मोड़ा पर भी दावा, माहौल खराब करने की कोशिश

उन्होंने यह भी बताया कि फोन कॉल पर किसी की निगरानी करने से पहले केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी लेनी होती है। जी किशन रेड्डी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69 केंद्र सरकार या किसी राज्य सरकार को देश की संप्रभुता या अखंडता के हित में किसी कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से उत्पन्न, प्रेषित, प्राप्त या संग्रहित सूचना को बीच में रोकने, उस पर निगरानी रखने या उसके कोड को पढ़ने के लिहाज से बदलने का अधिकार प्रदान करती है। सरकार की तरफ से यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार के मामले में केंद्रीय गृह सचिव को और राज्य सरकार के मामले में संबंधित राज्य सरकार के गृह सचिव से इसकी अनुमति लेनी होगी।

यह भी पढ़े :   यूपी इनकाउंटर। ADG का बयान, पुलिस से चूक हुई

10 एजेंसियों के नाम:-

खुफिया ब्यूरो (आईबी)

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)

मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी)

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी)

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ)

सिग्नल खुफिया निदेशालय

दिल्ली पुलिस

क्यों खास होती है SPG सुरक्षा? अब सिर्फ पीएम मोदी को होगी मुहैया

 




LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here