पत्नी कर रहीं राजेन्द्र नेगी के लौटने का इंतजार, सेना ने शहीद माना

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छह महीने पहले बॉर्डर पर बर्फ में फिसलने के बाद लापता जवान राजेंद्र को सेना ने शहीद घोषित कर दिया है। परिजनों को पत्र के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। हालांकि अभी तक लापता हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी की न बॉडी मिली है और न उनका कहीं सुराग लग पाया है।

लापता हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी को भले ही सेना ने शहीद घोषित कर दिया है, लेकिन परिजनों की उम्मीद अब तक भी नहीं टूटी है। उन्हें विश्वास है कि एक दिन वह जरूर लौटेंगे। जब तक वह उनका पार्थिव शरीर नहीं देख लेते तब तक वह उम्मीद नहीं छोडे़ंगे। पत्नी राजेश्वरी नेगी कहती हैं कि अब भी उनके पति सेना में ड्यूटी कर रहे हैं।

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जब तक यूनिट की ओर से उन्हें स्पष्ट नहीं बताया जाता और अपने पति का पार्थिव शरीर अपने आंखों से नहीं देख लेती तब तक उन्हें विश्वास नहीं होगा कि उनके पति शहीद हुए हैं। परिवार के सदस्य इस बात से नाराज हैं कि लगातार संपर्क करने पर भी सैन्य यूनिट उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।

बता दें 11वीं गढ़वाल राइफल्स के जवान राजेंद्र सिंह नेगी आठ जनवरी 2020 को लापता हो गए थे। बताया गया है कि कश्मीर के अनंतनाग में वह पोस्ट पर ड्यूटी दे रहे थे। इसी दौरान एवलांच में उनका पांव फिसला और वह पाक सीमा की तरफ गिर गए।

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सेना ने खोजबीन कर उनका पता लगाने की कोशिश की, लेकिन सुराग नहीं लगा। मूलरूप से गैरसैंण के रहने वाले हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी का परिवार देहरादून के अंबीवाला में रहता है। छह माह से परिजन उनके लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

उन्होंने खोजबीन के लिए रक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन कहीं पता नहीं चल पाया।परिजन लगातार कह रहे हैं कि सेना की ओर से उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। हालांकि लंबे समय से लापता होने के कारण सेना ने उन्हें शहीद घोषित करते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू कर




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