कोरोना संकट काल में आसन्न अर्थव्यवस्था की सुस्ती थामने के लिए RBI ने क्या किया, पढ़िए

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कोरोना के संकट काल में भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कुछ नए इंतजाम किए हैं। इन इंतजामों की आवश्यकता पिछले कुछ दिनों से महसूस की जा रही थी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्ति कांत दास ने इन उपायों की घोषणा की है। इसके साथ ही अहम बात ये है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर ने अपने संबोधन में आईएमएफ के उस दावे को दोहराया है जिसमें भारत की आर्थिक वृद्धि दर के 1.9 फीसदी होने का अनुमान लगाया गया था। आइए समझते हैं कि RBI ने कोरोना से आसन्न आर्थिक मंदी से निपटने के लिए क्या फार्मूला निकाला है।

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  • RBI ने रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है। अब रिवर्स रेपो रेट 4% से घटकर 3.75% हो गया है। रिवर्स रेपो रेट में कटौती से बैंकों को फायदा होगा। बैंकों को कर्ज मिलने में दिक्कत नहीं होगी।

  • इसके अलावा नकदी की दिक्कत से निपटने के लिए टीएलटीआरओ 2.0 का ऐलान किया गया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक 50,000 करोड़ रुपये से शुरुआत की जा रही है। इसके बाद हालात का आकलन कर इसे और बढ़ाया जाए। टीएलटीआरो 2.0 के तहत 50 फीसदी टोटल एमाउंट छोटे, मध्यम आकार के कॉरपोरेट, एमएफआई, एनबीएफसी को जाएगा। इसके लिए अधिसूचना आज ही आएगी।
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  • आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार कहा कि आईएमएफ ने इस हालात को ग्रेट लॉक डाउन कहा है और दुनिया को 9 ट्रिलयन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है भारत। कुछ देशों में है जहां 1.9 फीसदी का पॉजिटिव ग्रोथ होगा, यह जी—20 देशों का सबसे तेज ग्रोथ होगा।

  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि नाबार्ड, सिडबी, एनएचबी की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों और एनबीएफसी आदि के कर्ज प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण है। कोविड 19 के दौर में इन संस्थाओं को बाजार से कर्ज मिलने में मुश्किल है, इसलिए नाबार्ड, सिडबी, एनएचबी को 50,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रीफाइनेंसिंग की सुविधा दी जा रही है।
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  • शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्तीय हालत पर आरबीआई की नजर है. कोरोना से लड़ाई के लिए हमारी पूरी टीम लगी हुई है। हमारे 150 अधिकारी और कर्मचारी क्वारनटीन होकर सेवाएं दे रहे हैं। वित्तीय नुकसान को कम करने की कोशिशें जारी हैं। कृषि क्षेत्र टिकाऊ है, बफर स्टॉक है। इस साल मॉनसून की बारिश अच्छा रहने का अनुमान है।

 

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