उत्तराखंड पुलिस को सलाम, यूपी के विधायक ने दिखाई दादागिरी तो सिखा दिया सबक, काटा चालान, DL जब्त, वापस लौटाए गए

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उत्तराखंड पुलिस को सलाम करिए कि उसने बद्रीनाथ और केदारनाथ में कोरोना संक्रमण की आशंका से बचा लिया। सलाम करिए चमोली के गौचर में बैरिकेड्स पर तैनात प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को। अगर ये नहीं होते तो क्या होता? तीन गाड़ियों में सवार 12 लोग बिना किसी स्वास्थ जांच के बद्रीनाथ जा रहे थे।

यूपी के नौतनवां इलाके के विधायक अमनमणि योगी आदित्यनाथ के पिता के पितृ कर्मों का बहाना बनाकर देहरादून से बद्रीनाथ और फिर केदारनाथ की यात्रा के लिए निकल गए। जाहिर है कि ये यूपी के दबंग विधायक का पिकनिक था जिसे उत्तराखंड के एक आला अफसर के हस्ताक्षर से जारी लेटर से हरी झंडी मिलने की बात कही जा रही है। ये पिकनिक इसलिए भी था क्योंकि योगी आदित्यनाथ के पिता का पितृ विसर्जन करने का अधिकार सिर्फ योगी के परिवार को ही है। अमनमणि को कैसे हो सकता है जब वो योगी के किसी भी रूप में रिश्तेदार भी नहीं हैं। योगी के भाई महेंद्र बिष्ट ने इस संबंध में मीडिया में अपनी नाराजगी भी अब जता दी है। महेंद्र बिष्ट ने पूछा है कि अमनमणि कौन होते हैं हमारे पिता का पितृ विसर्जन करने वाले।

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फिलहाल अमनमणि अपना रसूख और दबंगई की बदौलत देहरादून से लेकर गौचर तक के तमाम बार्डर पार करते हुए चले गए। लेकिन सलाम हो उत्तराखंड पुलिस की जिसके आगे अमनमणि की एक न चली।

दिखाने लगी दबंगई, दादागिरी

जिस समय अमनमणि के काफिले को रोका गया तो वहां पर कर्णप्रयाग थाना प्रभारी गिरीश चंद्र शर्मा मौजूद थे। गिरीश चंद्र ने काफिला रोका और पूछताछ शुरु की। बताया जाता है कि गिरीश चंद्र की सख्त पूछताछ से अमनमणि नाराज हो गए। शांति से पूछताछ कर रही उत्तराखंड पुलिस पर अमनमणि ने अपना रसूख दिखाने की कोशिश शुरु कर दी। इस बीच वहां पर एसडीएम वैभव गुप्ता भी पहुंच गए। अधिकारियों पर भी अमनमणि अपनी दादागिरी दिखाने की कोशिश करते रहे। लेकिन अधिकारियों ने अमनमणि को शांति से सबक सिखा दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने न सिर्फ अमनमणि की सारी हेकड़ी निकाल दी बल्कि उन्हें पहाड़ से वापस कर दिया।

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इस बीच अमनमणि के वाक्ये की खबर आला अधिकारियों को मिल चुकी थी। बस, फिर क्या था। उत्तराखंड के आला पुलिस अधिकारियों ने अमनमणि की दबंगई निकालने की तैयारी कर ली। अमनमणि के काफिले को मुनि की रेती में फिर रोक लिया गया। अब तक अमनमणि बुरे फंस चुके थे। पुलिस ने अमनमणि समेत 12 लोगों के खिलाफ धारा 188 और राष्ट्रीय आपदा एक्ट में मामला दर्ज किया गया। बाद में निजी मुचलने पर उन्हें व उनके साथियों को छोड़ा गया। इसके साथ ही पुलिस ने अमनमणि की गाड़ी का चालान भी काटा और डीएल भी जब्त कर लिया।




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