उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने राज्य में केंद्र की ओर से चलाई जा रही महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना ऑल वेदर रोड के ऊपर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले पांच साल से राज्य में चल रही ये योजना फिलहाल उत्तराखंड के मौसम के आगे बेबस दिख रही है।


टिहरी में पूरी सड़क ही मलबे से पट गई है।

2017 में राज्य में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य में ऑल वेदर रोड (All weather road Project)  परियोजना का ऐलान किया था। ये योजना राज्य में बीजेपी की सरकार बनाने में अहम साबित भी हुई। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लेकर खासे दावे भी किए थे। दावा था कि ये सड़क परियोजना पूरी होने के बाद राज्य में सड़कों का कायाकल्प हो जाएगा और हर मौसम में सड़कों पर आवागमन जारी रह सकेगा।

 

इस परियोजना का एक अहम पहलु ये भी था कि राज्य में चारधामों को जोड़ने वाली ये परियोजना पर्यटन के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही थी।

 

हालांकि ये सच है कि कई जगहों पर सड़कों में बेहद सुधार हुआ है। सड़कें चौड़ी और सुगम हुईं हैं लेकिन इसके बावजूद राज्य में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने कई जगहों पर सड़कों को या तो नदियों में धकेल दिया है या फिर मलबे से पाट दिया। इसके साथ ही इस बारिश ने राज्य में कई जगहों पर परियोजना के हसीन दावों को भी यूं ही समेट कर रख दिया है।

 

फिलहाल ताजा अपडेट ये है कि बारिश ने राज्य की लगभग 200 सड़कों पर आवागमन बंद कर दिया है। यहां तक कि नेशनल हाईवे भी बंद हैं। टिहरी में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 को तपोवन से मलेथा तक आवागमन के लिए बंद कर दिया है। यहां पहाड़ियों से लगातार बोल्डर और पत्थर गिर रहें हैं।

 

हालात ये हैं कि पुलिस और प्रशासन लोगों से पहाड़ की यात्रा टालने का अनुरोध कर रहें हैं। इसी से आप अंदाज लगा सकते हैं कि सड़कों की हालत क्या होगी?

 

शुक्रवार रात तक की लोनिवि की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में पांच नेशनल हाईवे, 15 स्टेट हाईवे, सात जिला मार्ग, 13 अन्य जिला मार्ग, 90 ग्रामीण सड़कें (सीविल) और 89 ग्रामीण सड़कें बाधित हैं। लोनिवि, बीआरओ और दूसरी एजेंसियों की ओर से सड़कों को खोलने की कार्रवाई लगातार जारी है।

 

चंपावत में लगातार बारिश के बाद भूस्खलन के कारण पूर्णागिरी देवी मंदिर की ओर जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। पूर्णागिरि धाम में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए मुख्य मंदिर पैदल मार्ग की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने टेंडर लगा दिए हैं। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से पूर्णागिरि यात्रा में जोखिम बना हुआ है। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट का कहना है कि मार्ग के पुनर्निर्माण तक पहाड़ी काटकर वैकल्पिक मार्ग बनानी की कार्यवाई शुरू की जा रही है।

 

टिहरी के लिए टनल की परियोजना

देहरादून से टिहरी के लिए 35 किलोमीटर टनल बनाने की योजना है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात भी की है। ये सड़क देहरादून को एक टनल के जरिए टिहरी को जोड़ देगी। ये देश की सबसे बड़ी रोड टनल्स में से एक होगी। हालांकि अभी इस परियोजना को हरी झंडी नहीं मिली है।

मसूरी में लंबा जाम

शुक्रवार को ग्लोगी पॉवर हाउस के पास सड़क पर मलबा आने की वजह से देहरादून मसूरी रोड बाधित हो गई। इसके चलते लगभग दस किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

चंपावत में मार्ग बाधित

चंपावत में लगातार बारिश के बाद टनक पुर चंपावत रोड भी बाधित हो रही है। इस रोड पर रुक रुक कर भूस्खलन हो रहा है। वहीं भूस्खलन के कारण पूर्णागिरी देवी मंदिर की ओर जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया।


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