कई दिनों की खींचतान के बाद कर्नाटक में बनी कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) की गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री एच डी कुमार  ने विधान सभा में 2018-19 के लिए बजट पेश किया। उम्मीदों पर खरा उतरते हुए सीएम ने बजट में चुनावी वादे को कुछ हद तक पूरा किया और 2 लाख रुपये या उससे कम का लोन लेने वाले किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की। सीएम ने कर्जमाफी के लिए 34,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का ऐलान किया है। हालांकि, इस राहत के साथ ही पेट्रोल, डीजल और बिजली की कीमत बढ़ने से किसानों के साथ ही आम जनता के लिए चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

कुमारस्वामी ने ₹2,13,734 करोड़ के बजट का ऐलान करते हुए कहा कि वह सिद्धारमैया सरकार की सभी योजनाओं को जारी रखेंगे। सर्विस और ऐग्रिकल्चर सेक्टर पर फोकस रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2016-17 में वृद्धि दर 7.5% थी जो 2017-18 में बढ़कर 8.5% पहुंच गई। सरकार की प्राथमिकता किसानों के कर्ज माफ करने के लिए संसाधन जुटाने पर है। उन्होंने भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि चुनावी घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।