उत्तराखंड में चुनावी साल में भाजपा को बड़ा झटका लगा और सरकार में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन थाम लिया। यशपाल आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के बाद भाजपा में मौजूद उनके समर्थकों की छुट्टी होने लगी है।


उत्तराखंड में चुनावी साल में भाजपा को बड़ा झटका लगा और सरकार में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन थाम लिया। यशपाल आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के बाद भाजपा में मौजूद उनके समर्थकों की छुट्टी होने लगी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने सख्त रुख दिखाते हुए छह नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया। सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित हुए सभी नेता यशपाल आर्य के समर्थक माने जाते हैं।

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पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि नैनीताल के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट की जांच के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई। निष्कासित लोगों में संजय वर्मा भवाली नगर पालिका के अध्यक्ष हैं।

भवाली की मंडल महामंत्री ज्योति वर्मा, भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष रवि कुमार, मीडिया प्रभारी भवाली अनुभव कुमार को भी पार्टी से हटा दिया गया है। निष्कासित नेताओं में हरीश बिष्ट भीमताल ब्लॉक के प्रमुख हैं, जबकि कृपाल सिंह बिष्ट नैनीताल मंडल के महामंत्री थे।

उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। निष्कासित नेताओं पर आरोपों की जांच में यह पुष्ट हुआ कि वे पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त हैं। उनके अनुशासनहीन आचरण के आधार पर पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया।


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