अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। महंत नरेंद्र गिरी के कथित सुसाइड नोट को श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव एवं मनसा देवी ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने सिरे से नकार दिया है।


narendra giri

श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कथित सुसाइड नोट फर्जी है। बड़ी साजिश के तहत पूरी कहानी बनाई गई है। अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी के बयान से बाघंबरी की गद्दी को लेकर नया मोड़ आ गया है।

रविंद्रपुरी जी महाराज की माने तो सोच समझ कर साजिश रची गई। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कथित सुसाइड नोट को फर्जी बताते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि कक्षा 5वीं तक पढ़े थे। बड़ी मुश्किल से हस्ताक्षर करते थे। कथित सुसाइड नोट और हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। साजिश रची गई है। सुसाइड नोट किसने लिखा जांच होनी जरूरी है।

ब्रह्मलीन नरेंद्र गिरि के कथित सुुसाइड नोट में गद्दी का उत्तराधिकारी महंत बलबीर पुरी को घोषित किया है। वहीं रविंद्रपुरी ने 24 सितंबर को प्रयाग बाघंबरी में अखाड़े के संत-महंतों की आपात बैठक बुला ली है। संत-महंतों के सामूहिक निर्णय से ही गद्दी सौंपने का फैसला होगा।

महंत रविंद्रपुरी जी महाराज ने घटनास्थल पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी जाहिर की है। उनका कहना है कि इस संबंध में विस्तृत जांच जरूरी है।

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ब्रह्मलीन नरेंद्र गिरि के कथित सुुसाइड नोट में गद्दी का उत्तराधिकारी महंत बलबीर पुरी को घोषित किया है। वहीं रविंद्रपुरी ने 24 सितंबर को प्रयाग बाघंबरी में अखाड़े के संत-महंतों की आपात बैठक बुला ली है। संत-महंतों के सामूहिक निर्णय से ही गद्दी सौंपने का फैसला होगा।


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