देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस को भ्रष्टाचार के बहाने घेरा है। देहरादून के परेड ग्राउंड में हुई रैली में नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस राज में करप्शन एक्सिलिरेटर पर रहता है और विकास वेंटिलेटर पर रहता है। परेड ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करने की शुरुआत करते हुए कहा कि,  देवभूमि का ये प्यार, आपका ये आशीर्वाद मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। चारधाम, हेमकुंड धाम और सैन्य धाम की संगम स्थली, उत्तराखंड के जन-जन को मेरा प्रणाम।

मोदी ने कहा कि  बाबा केदार के आशीर्वाद से और आपकी सहभागिता से बीते पांच वर्ष में देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में आपका ये प्रधान सेवक सफल हो पाया। बड़े-बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के पीछे, आपकी आकांक्षाएं ही मेरी प्रेरणा हैं।

आपकी शक्ति और सामर्थ्य से हमारी सरकार अग्रिम मोर्चों पर बेटियों की तैनाती का बड़ा फैसला ले पाई। मेरे साथ आप हमेशा चट्टान की तरह खड़े थे, इसलिए 40 वर्षों से लटका वन रैंक वन पेंशन का फैसला लागू कर पाए।

कांग्रेस पर वार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि करप्शन और कांग्रेस का साथ अटूट है। ऐसी जुगलबंदी है जो अलग हो ही नहीं सकती। करप्शन को कांग्रेस चाहिए और कांग्रेस को करप्शन। कांग्रेस सरकार में करप्शन एक्सीलेटर पर रहता है और विकास वेंटीलेटर पर रहता है।

कांग्रेस में एक होड़ मची रहती है कि कौन ज्यादा बड़ा भ्रष्टाचार करे। टूजी, कॉमन्वेल्थ, जल, थल, नभ कहीं कोई ऐसा संसाधन नहीं है जो इनकी लूट से बच पाया हो।

इन्होंने हमारे सैनकों को भी नहीं छोड़ा। बोफोर्स तोप या फिर हेलिकॉप्टर, हथियार का ऐसा सौदा खोजना मुश्किल हो जाता है जिसमें कांग्रेस द्वारा कमीशन की खबरें न आती हों।

आपको याद होगा कि आपका ये चौकीदार हैलिकॉप्टर घोटाले के कुछ दलालों को दुबई से उठाकर ले आया था। इटली के मिशेल मामा और दूसरों दलालों से पूछताछ हुई है। इसके आधार पर दायर चार्जशीट के अनुसार हैलीकॉप्टर घोटालों के दलालों ने जिन्हें घूस दी है उसमें एक AP और दूसरा FAM है। इसी चार्जशीट में कहा गया है कि AP मतलब अहमद पटेल और FAM का मतलब है फैमिली। अब आप मुझे बताइये कि अहमद पटेल किस फैमिली के निकट है।

एक जमाना था जिस परिवार की एयरपोर्ट पर भी तलाशी की भी कोई हिम्मत नहीं करता था, लोग उन्हें सेल्यूट करते थे, वो आज बेल पर हैं। जो खुद को भारत का भाग्य विधाता समझते थे, वो खुद को जेल जाने से बचाने के लिए सारी तिकड़म लगा रहे हैं।

अगर आप कांग्रेस के ढकोसला पत्र को पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि कांग्रेस का हाथ किसके साथ है। कांग्रेस जम्मू कश्मीर में आतंकियों, पत्थरबाजों, विभाजन करने वालों के खिलाफ जवानों को जो कानून मिला है, अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वो सुरक्षा बलों को मिला ये सुरक्षा कवच हटा लेंगे। कांग्रेस पार्टी क्या कर रही है? जान दांव पर लगाने वाले हमारे सैनिक झूठे मुकदमों में फंसे रहें, ये व्यवस्था करना चाहती है। उनका हौसला टूट जाये, ऐसा काम कर रही है।

आप मुझे बताइये, क्या देशद्रोह का कानून हटना चाहिए? देशद्रोहियों पर मुकदमें होने चाहिए या नहीं? देशद्रोहियों को सजा मिलनी चाहिए की नहीं, ये कांग्रेस पार्टी को हो क्या गया है?

कांग्रेस के ढकोसलापत्र से टुकड़े-टुकड़े गैंग खुश है, पाकिस्तान में बैठे कुछ लोग भी खुश हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर में इनके साथी, हर रोज़ कश्मीर को अलग करने की धमकी दे रहे हैं की वो कश्मीर का अलग प्रधानमंत्री चाहते हैं, क्या इस देश में दो प्रधानमंत्री होंगे क्या?

ये सभी कांग्रेस के गठबंधन के साथी है और इनके इन बयानों पर अगर कांग्रेस चुप है तो उसे भी इसकी सजा मिलनी चाहिए। मैं हैरान हूं कि अपने इन साथियों को बचाने के लिए ही कांग्रेस देशद्रोह के कानून को हटाना चाहती है क्या?

जब तक देश का बच्चा-बच्चा चौकीदार बना रहेगा, तब तक भारत की एक इंच जमीन पर भी आंच नहीं आएगी। 2 दिन पहले ही नामदारों के गुरु जो विशेष रूप से इन्हें जिताने के लिए अमेरिका से आये है। उन्होंने टीवी के सामने जो कहा है उससे आप चौंक जाएंगे। उन्होंने कहा की मध्यम वर्ग लालची और स्वार्थी है और इसलिए मध्यम वर्ग पर टैक्स बढ़ाना कोई गुनाह नहीं है।

देश में जो विकास कार्य हो रहे हैं, वो सब मध्यम वर्ग के ईमानदार करदाताओं के कारण ही संभव हो पा रहे है। कांग्रेस को इसी ईमानदारी से नफरत है, जिसका शीर्ष नेतृत्व ही टैक्स छुपाने का आरोपी है, उसको टैक्स देने वाले ईमानदार मध्यम वर्ग के लोग स्वार्थी लगेंगे ही।

चारधाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड़ हो, बाबा केदार के पावन पवित्र धाम का पुनर्निमाण हो, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण हो,  ये तभी हो रहा है क्योंकि ईमानदार करदाता देश के खाते में पैसे डालता है।

आपका ये चौकीदार, भाजपा और NDA की सरकार एक-एक ईमानदार करदाता की आभारी है। इसलिए हमने 5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम को ज़ीरो कर दिया है। अगर ज़रा सी भी चूक हुई तो ये छूट तो जाएंगे ही, लेकिन आप पर बोझ पड़ना भी तय है।