उत्तराखंड भाजपा जहां एक ओर कांग्रेस के नेताओं को तोड़ने में लगी है वहीं दूसरी तरफ उसके अपने घर में भी एक दूसरे पर खूब पत्थर उछाले जा रहें हैं। देहरादून की दो विधानसभाओं में हालात बेकाबू होते दिख रहें हैं। यहां विधायक के खिलाफ लोग मुखर हो गए हैं।


dharmpaur vidhayak vinod chamoliउत्तराखंड में भाजपा 2022 में सत्ता में वापसी की पुरजोर कोशिश कर रही है। हालांकि उसके लिए अपने विधायकों को संभालना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। 2022 की जंग से पहले बीजेपी को अपनी कई गांठें सुलझानी होंगी। इनमें से रायपुर विधानसभा में उमेश शर्मा काऊ का मसला अहम होगा। वहीं अब धर्मपुर विधानसभा में भी बीजेपी विधायक विनोद चमोली के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है।

काऊ के खिलाफ पंचायत

उमेश शर्मा काऊ के लिए अगला चुनाव खासा चुनौतीपूर्ण होने वाला है। हाल ही में काऊ और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई तू तू मैं मैं का मसला शांत भी नहीं हुआ था कि रविवार को काऊ के खिलाफ बीजेपी के एक गुट ने पंचायत बुलाकर साफ कर दिया कि वो मसले को शांत होने नहीं देंगे।

अब बात कार्यकर्ताओं की हैसियत की भी आ गई है। दरअसल काऊ ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचे विरोधी गुट के कुछ कार्यकर्ताओं को हैसियत दिखाने की कोशिश की थी। इसके बाद मामला काफी बढ़ गया था।

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हालांकि मौके पर मौजूद कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने बीच बचाव कर झगड़ा वहां पर शांत करा दिया था लेकिन चिंगारी अब भी सुलग रही है।

इसी का नतीजा मालदेवता इलाके में हुई पंचायत थी। इस पंचायत में काऊ के खिलाफ जमकर बयानबाजी हुई है।

धर्मपुर विधायक बोले, भाड़ में गया टिकट

वहीं देहरादून की धर्मपुर विधानसभा में भी बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। धर्मपुर विधानसभा से बीजेपी के विधायक विनोद चमोली जीत कर आए थे। रविवार को विनोद चमोली के आवास पर धरना देने पहुंचे स्थानीय लोगों के साथ विधायक जी की तीखी नोंकझोंक हो गई। हालांकि विनोद चमोली के मेयर रहते हुए भी लोग उनके मिजाज से वाकिफ हैं और विधायक बनने के बाद भी विनोद चमोली का मिजाज वैसा ही बना हुआ है।

फिलहाल ऋषि विहार के इलाके के लोगों का अपनी परेशानी लेकर घर पर पहुंचना विधायक जी को इतना नागवार गुजरा कि पहले तो वो लोगों से ही उलझ गए। बाद में बोले, भाड़ में गया टिकट, मुझे नहीं लड़ना चुनाव। इसके बाद वो स्थानीय लोगों के साथ ही धरने पर बैठ गए और अधिकारियों को ताकीद की कि पंद्रह दिनों में काम पूरा हो जाना चाहिए।


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