पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन, गरीबों को नवंबर तक मुफ्त राशन, 21 जून से 18+ उम्र के लोगों को मुफ्त वैक्सीनेशन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कई महत्वपूर्ण निर्णयों से जनता को अवगत कराया। एक तरफ जहां 21 जून से राज्यों को केंद्र सरकार की तरफ से 18 प्लस उम्र के लोगों के लिए मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराने की बात कही गई है, तो वहीं दूसरी तरफ गरीबों को मुफ्त अनाज अब नवंबर तक मिलेगा । प्रधानमंत्री मोदी ने कहा किक अब टीकाकरण अभियान पूरी तरीके से केंद्र सरकार के द्वारा चलाया जाएगा ।


narendra modi इस बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग सरकारी की को के प्राइवेट टीका लगवाना चाहते हैं तो उनके लिए भी व्यवस्था की गई है । प्राइवेट अस्पताल अब सीधे तौर पर 25% वैक्सीन की डोज कंपनी से खरीद सकेंगे। प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर प्राइवेट अस्पतालों को वैक्सीन लगाने के लिए सर्विस चार्ज के रूप में अब ₹150 से ज्यादा नहीं ले पाएंगे निजी अस्पताल। अपने राष्ट्र के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों को भ्रांतियों से हटकर वैक्सीनेशन के लिए आगे आना चाहिए। पीएम ने कहा कि विजेता आपदा आने पर उससे परेशान होकर हार नहीं मानते हैं बल्कि उद्यम करते हैं, परिश्रम करते हैं और उसपर जीत हासिल करते हैं। कोरोना से लड़ाई में देशवासी आपसी सहयोग और दिन रात मेहनत करके तय की है। आने वाले रास्ता भी सहयोग से मजबूत होगा, हम वैक्सीन प्राप्त करने की गति बढ़ाएंगे और वैक्सीनेशन अभियान को और गति देंगे।भारत में वैक्सीनेशन की रफ्तार आज भी दुनिया में बहुत तेज है,अनेक विकसित देशों से तेज हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविन प्लेटफॉर्म की दुनिया में चर्चा हो रही है।

बच्चों पर ट्रायल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बच्चों के लिए वैक्सीन की उपलब्धता हेतु ट्रायल बहुत तेजी से चल रहा है इसके अलावा इस बात पर भी गौर किया जा रहा है कि इसे सिरिंज सेना देकर नेजल स्प्रे के रूप में दिया जाए। पीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी  ज्यादा बढ़ने वाली है। आज देश में 7 कंपनियां विभिन्न प्रकार की वैक्सीन का प्रोडक्शन कर रही हैं।

राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि, आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे। पोलियो की वैक्सीन हो, हैपिटाइटिस बी की वैक्सीन हो, इनके लिए देशवासियों ने दशकों तक इंतजार किया था। 2014 में देशवासियों ने हमें सेवा का अवसर दिया तो भारत में वैक्सीनेशन का कवरेज सिर्फ 60 फीसदी के आसपास था। उन्होंने कहा कि हमारी दृष्टि में यह बहुत चिंता की बात थी। जिस रफ्तार से भारत का टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा था, उस रफ्तार से देश को शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने में करीब 40 साल लग जाते।


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