देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने ऐलान किया है कि वह तीनों कृषि कानूनों को वापस लेंगे। उन्होंने कहा कि “आइए नए सिरे से आगे बढ़ें” । देश के सैकड़ों किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के इस आंदोलन के दौरान अपनी जान से हाथ धो बैठे और अब जाकर उनके लिए राहत की बात यह है कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तीनों कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है।

तुम ही राहुल गांधी ने ट्वीट कर किसानों को बधाई दी है। राहुल गांधी ने लिखा है कि देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया गौरतलब है कि ममता बनर्जी अशोक गहलोत अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्ष के नेता मोदी सरकार के फैसले को अहंकार से जोड़कर कह रहे हैं कि आखिरकार किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन के आगे अहंकार को झुकना पड़ा है

ज़ाहिर सी बात है कि आगामी चुनावों को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि यह निर्णय इसी लिहाज से लिया गया है कि आने वाले चुनावों में बीजेपी को कहीं भारी नुकसान न उठाना पड़े। इसके साथ ही एक बात यह भी तय हो गई है कि विपक्ष के पास जो एक मजबूत मुद्दा माना जा रहा था वह भी खत्म हो गया है। अब कृषि कानूनों के वापस लेने के ऐलान से विपक्ष को और नए मुद्दे तलाशने होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि संसद के अगले सत्र में तीनों कृषि कानून वापस होंगे और सभीआंदोलनकारी किसान घर लौट जाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसानों के लिए उन्होंने बहुत ही प्रयास किया है लेकिन वह मानते हैं कि तपस्या में कुछ कमी रह गई और इसीलिए उन्होंने माफी भी मांगी है। लेकिन इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा का यह कहना है कि वह कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के अमल का इंतजार करेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा के साथ ही अन्य किसानों का यह कहना है कि सरकार के द्वारा जो एमएससी पर गारंटी की बात कही गई थी सरकार ने अभी उस पर कुछ भी नहीं कहा है उन्हें इसका भरोसा भी चाहिए की एमएसपी पर गारंटी सरकार के द्वारा दी जाएगी गौरतलब बात यह है कि विपक्ष की तरफ से किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अब उनके पक्ष में फैसले को लेकर प्रमुखता से बातें की जा रही है।