उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा को संभालने के लिए खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मैदान में उतरना पड़ा है। हालात ये हैं कि सीएम पुष्कर सिंह धामी देर रात तक खुद ही प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहें हैं।


pushkar singh dhami

उत्तराखंड में अतिवृष्टि से आई प्राकृतिक आपदा ने पूरे प्रदेश के आपदा प्रबंधन तंत्र को हिला कर रख दिया है। कुमाऊं के अधिकतर इलाकों में हालात बेहद भयावह हैं। सड़क मार्ग, पुल, घर बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 25 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। कई बड़े पुल भी इस आपदा से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

 

वहीं आपदा प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मैदान में उतरे हुए हैं। सीएम धामी ने दिन में प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वो सड़क मार्ग से प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हो गए। हालांकि सड़क मार्ग कई जगह बाधित है बावजूद इसके सीएम धामी खुद ही कार में सवार होकर हल्दवानी के लिए निकल गए। इस दौरान उन्होंने प्रभावित इलाकों में दौरा किया और राहत कार्यों का जाएजा लिया है।

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मंगलवार को उन्होंने रुद्रप्रयाग, उधमसिंहनगर और नैनीताल जिलों का भ्रमण किया। पीड़ितों का हाल जानने की शुरुआत उन्होंने रुद्रप्रयाग जिले से की। जिले के प्रभावित इलाके का हवाई निरीक्षण करने के बाद जिला मुख्यालय में उन्होंने डीएम और जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

 

इसके बाद धामी ने कुमाऊं मंडल का दौरा कर रुद्रपुर और किच्छा समेत सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। पीड़ितों की बात सुनी और उनके सामने आ रही समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए। रात को धामी हल्द्वानी गए और उन्होंने अधिकारियों से आपदा के प्रभाव की विस्तृत जानकारी हासिल की। समाचार लिखे जाने तक उनका देर रात तक आपदा पीड़ितों से मिलने का सिलसिला जारी रहा।

पुष्कर सिंह धामी

आपको बता दें कि मंगलवार को शाम के समय सीएम पुष्कर सिंह धामी को दिल्ली के लिए रवाना होना था लेकिन राज्य में आई प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर सीएम धामी ने अपना दौरा निरस्त कर दिया।

 

सीएम धामी ने रूद्रपुर के संजय नगर खेड़ा में स्थलीय निरीक्षण कर बारिश से हुए जल भराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होने अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि धैर्य बनाकर रखें। उन्होने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाये व रहने, भोजन आदि की समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग किया जायेगा। उन्होने कहा कि इस आपदा के कारण जिन परिवारों में जनहानि हुई है उनके आश्रितों को 4 लाख रूपये का मुआवजा दिया जायेगा।


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