सियासत: सवाल ये नहीं कि मुख्यमंत्री बदला जाएगा? ये कि बदले क्यों? और बनाए किसे?

693

उत्तराखंड में जितनी हवा यहां के जंगलों में साल भर में नहीं चलती होगी उसकी दोगुनी हवाएं देहरादून के सियासी गलियारों में सुबह से शाम होने तक चल जाती हैं। एक और दिलचस्प तथ्य ये है कि यहां कैबिनेट मंत्री के बनने बदलने पर चर्चा कम और मुख्यमंत्री के बदलने बनने पर अधिक होती है। एक और दिलचस्प तथ्य बिना आपकी इजाजत के बता देते हैं कि यहां सीएम के शपथ लेते ही सीएम के जल्द बदलने की चर्चा भी होने लगती है।

उत्तराखंड के सियासी गलियारों में ठीक ऐसी ही पारंपरिक चर्चाएं 2017 से जारी हैं और 2021 में फिर से होने लगी हैं। कई राजनीतिक भविष्यवक्ता काल की गणना के आधार पर बता रहें हैं कि 14 जनवरी के बाद तो कुछ 16 जनवरी और कुछ फरवरी में सत्ता के शीर्ष पर बैठे चेहरे के बदल जाने की भविष्यवाणी कर रहें हैं। हालांकि एक बार फिर आपको बता दें कि इनमें से कई लोग ऐसी ही भविष्यवाणी साल भर पहले भी कर चुके हैं।

 

फिलहाल सवाल अब ये नहीं रहा कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे चेहरे को हटाया भी जाएगा या नहीं? बड़ा सवाल ये है कि हटाने का तर्क क्यों? अगर तर्क ये कि चेहरे से चुनावों में नुकसान हो सकता है तो फिर बड़ा सवाल ये कि आखिर वो कौन चेहरा होगा जिसे शीर्ष पर बैठा दिया जाए और वो किसी नुकसान की आशंका को सिरे से खारिज कर दे।

 

दरअसल मुख्यमंत्री को बदलने का फैसला संगठन को करना होता है और फिलहाल संगठन की ओर से किसी बदलाव की आहट नहीं मिल रही है। फिर संगठन के पास मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने की कोई वजह होगी ऐसा लगता नहीं है। अगर कोई एकाध वजहें मिल भी गईं तो न हटाने की उससे अधिक वजहें मिल सकती हैं।

ये भी पढ़िए – उत्तराखंड : सियासत और अफसरशाही का गठजोड़ तोड़ते त्रिवेंद्र, होंगे कामयाब?

एकबारगी को मान भी लिया जाए कि बदलाव की वजह अधिक महत्वपूर्ण है तो बड़ा सवाल ये है कि आखिर वो कौन सा चेहरा होगा जिसे देख इतना बड़ा सियासी माइलेज मिल जाएगा जो चुनावी साल में चेहरा बदलने के कदम को भी सही साबित कर दे। लाख तलाश करने के बाद भी कोई ऐसा चेहरा नहीं मिलता। हर चेहरे पर चर्चा के बाद यही लगता है कि उससे बेहतर यही।

 

तो ऐसे में चुनावों से पहले चेहरा बदलने की चर्चाएं सिर्फ चर्चाएं भर ही लगती हैं। इनके पीछे सटीक राजनीतिक गुणा भाग नजर नहीं आता। तो ऐसे में ये तय मानिए कि मकर संक्रांति में सूरज अपनी जगह तो बदलेगा लेकिन फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने का कोई चांस दूर दूर तक नहीं नजर आता।

इस आलेख पर आप हमें अपनी राय भेज सकते हैं। हमारा ईमेल पता है – khabardevbhoomi@gmail.com. आप हमारे फेसबुक पेज को लाइक कर हमारे साथ जुड़े रह सकते हैं। आपको सुझावों का इंतजार रहेगा।