उत्तराखंड में राजनीतिक रूप से एक नई चिंगारी सुलग रही है। देहरादून की रायपुर विधानसभा से विधायक उमेश शर्मा काऊ को लेकर अब नया समीकरण बनने लगा है। उमेश शर्मा काऊ को लेकर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी साथ का हाथ बढ़ा दिया है।


 

हरक सिंह रावत ने कहा है कि उमेश शर्मा काऊ के साथ खड़ा होना उनका धर्म भी है और कर्तव्य भी है। हरक सिंह रावत ने दावा किया है कि उन्ही के कहने पर काऊ ने कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी ज्वाइन करने का फैसला लिया था।

आपको बता दें कि उमेश शर्मा काऊ को लेकर उनकी विधानसभा में बीजेपी में दो फाड़ है। एक काऊ गुट है और एक उनको नापसंद करने वाला गुट भी है।

हाल ही में उमेश शर्मा काऊ की विधानसभा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में काऊ के विरोधी गुट के बीजेपी कार्यकर्ता भी पहुंचे थे। इस दौरान काऊ उन्हें देखकर भड़क गए। हालात ऐसे हुए कि राज्य के कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के सामने ही हंगामा शुरु हो गया। इसके बाद काऊ दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के लिए निकल गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने जेपी नड्डा से मुलाकात कर न सिर्फ घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी बल्कि अपना दुख भी उनके साथ साझा किया है।

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मंगलवार को काऊ ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा है कि उनका पार्टी से बाहर भी संगठन है और वो उससे भी चर्चा करेंगे। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह के मनमुटाव से साफ इंकार किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उमेश शर्मा काऊ को लेकर बेहद सधी हुई बयानबाजी की है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि किसी को कोई नाराजगी नहीं है।


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