उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों का सैनिक कल्याण निदेशालय में कार्य बहिष्कार लगातार जारी है। आठ दिनों से पूर्व सैनिक धरने पर बैठे हुए हैं।


देहरादून के कालीदास रोड स्थिक सैनिक कल्याण निदेशालय में पूर्व सैनिकों का कार्य बहिष्कार लगातार जारी है। पूर्व सैनिक अब 23 दिसंबर को होनी वाली कैबिनेट बैठक का इंतजार कर रहें हैं। पूर्व सैनिकों की माने तो मुख्यमंत्री ने उन्हे उनकी मांगों के प्रति आश्वस्त किया है। आपको बता दें कि पूर्व सैनिकों की 21 तारीख को सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात हो चुकी है।

संगठन के कार्यबहिष्कार को प्रदेश के पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं द्वारा उनकी जायज मांगों, सातवां वेतनमान वर्ष 2016 से एवं विभागीय संविदा नियुक्ति की तिथि से केंद्रीय सैनिक बोर्ड रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार पर खुले मन से पूर्व सैनिक संगठन ने समर्थन देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि इन पूर्व सैनिक कर्मचारियों को 75% वेतन एवं भत्ते भारत सरकार रक्षा मंत्रालय केंद्रीय सैनिक बोर्ड दिल्ली द्वारा दिए जाते हैं मात्र 25% ही राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है।

कार्यक्रम में सैनिक लीग के पूर्व जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर एम एस नेगी भी समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, सैन्य बाहुल्य प्रदेश पर्वतीय प्रदेश में हमारे पूर्व सैनिक सैनिक कल्याण संविदा कर्मचारी जायज मांगों को लेकर सैनिक कल्याण निदेशालय में धरने पर बैठे हैं।

वहीं पूर्व सैनिकों ने ऐलान किया है कि बिना शासनादेश प्राप्त किये किसी भी हालत में कार्यबहिष्कार खत्म नही किया जाएगा।

पूर्व सैनिकों की प्रमुख मांगें –
1.सैनिक कल्याण कर्मचारियों को सातवां वेतनमान वर्ष 2016 से दिया जाए
2. संविदा कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से विभागीय की संविदा एवं नियमितीकरण किया जाए


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