कोविड-19 के तहत सुरक्षा को लेकर काफी लंबे समय से बंद पड़े विद्यालयों में आखिरकार सोमवार से बच्चों की रौनक लौट आएगी लेकिन इसमें कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आपको बता दें कि कोरोनावायरस के द्वितीय लहर के अनुभव के आधार पर अब भौतिक रूप से 2 अगस्त 2021 से कक्षा 9 से 12 और 16 अगस्त 2021 से कक्षा 6 से 8 की कक्षाओं को चलाने का निर्देश दिया गया है।

कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं सामान्यतया 4 घंटे तक संचालित की जाएंगी लेकिन जिन विद्यालयों में दो पाली में कक्षाएं चलेंगी उन्हें समय सारणी में बदलाव करने का अधिकार होगा। पहली पाली की कक्षाएं समाप्त होने के बाद कक्षा कक्ष को पूरी तरीके से सेना टाइप किया जाएगा और इसके बाद ही दूसरी पारी की शुरुआत हो सकेगी सोमवार से शनिवार तक कक्षाएं चलेंगी और रविवार को जिला प्रशासन नगर प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नियमित सैनिटाइजेशन और फागिंग का कार्य किया जाएगा।

बोर्डिंग/ डे बोर्डिंग विद्यालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि समस्त शिक्षक कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएं विधिवत मास्क पहनकर ही कक्षा कक्ष में प्रवेश करें और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करें।

आवासीय विद्यालय खोले जाने से पहले विद्यालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि आवासीय परिसर कक्षा कक्ष किचन डायनिंग हॉल पेयजल स्थल वाचनालय पुस्तकालय वॉशरूम आदि ऐसे स्थल जहां पर छात्र-छात्राओं का भौतिक रूप से आवागमन होगा उसे विधिवत सैनिटाइज किया जाए। विद्यालयों में सैनिटाइजेशन, हैंडवॉश, थर्मल स्कैनिंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करानी होगी।

प्रत्येक विद्यालय में कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत संबंधित विद्यालय द्वारा एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा जो सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 के प्रोटोकॉल के दिशा-निर्देशों के अनुपालन हेतु उत्तरदाई होगा।

छात्र संख्या अधिक होने पर यदि पहली और दूसरी पाली की कक्षाएं चलाने की नौबत आती है उस सूरत में पहली पाली में even और दूसरी पाली में odd अनुक्रमांक के छात्र छात्राओं को विद्यालय में बुलाया जाएगा। परंतु ऐसे शिक्षण संस्थाएं जहां पर छात्र संख्या कम होने की वजह से एक ही पाली में विद्यालय का संचालन होगा वहां पर विद्यालय के निश्चित समय अनुसार शिक्षण कार्य होगा।

बोर्डिंग/ डे बोर्डिंग विद्यालय में आवासीय परिसर में निवास करने वाले शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों को 48 घंटे पूर्व की प्राप्त rt-pcr रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर ही विद्यालय में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

विद्यालय में उपस्थित होने के लिए किसी भी छात्र या छात्रा पर बाध्यता नहीं डाली जाएगी बल्कि अभिभावक की स्वीकृति के साथ ही छात्र या छात्रा को विद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी।

महानिदेशक, निदेशक माध्यमिक शिक्षा,निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अपने स्तर से समय-समय पर विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी करेंगे।