कोरोना के मामलों पर नजर रखने के लिए किए गए सीरो सर्वे (4th Sero Survey) की चौथी रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार देश की करीब चालीस करोड़ की आबादी अब भी कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे से जूझ रही है।


4th sero survey covid infections in india

चौथे सीरो सर्वे के अनुसार छह से अधिक उम्र की आबादी के दो तिहाई हिस्से में सार्स सीओवी – 2 एंटीबॉडी पाया गया है। जून और जुलाई में 21 राज्यों के 70 जिलों में किए गए इस सर्वे में कुल 28975 से अधिक लोगों को साथ ही 7252 हेल्थ वर्कर्स को भी शामिल किया गया। सर्वे में कुल 67.6 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली है।

एंटीबॉडी बढ़ी

आईसीएमआर(ICMR) ने बताया, छह से नौ साल की उम्र के बच्चों में एंटीबॉडी 57.2 फीसदी, 10-17 उम्र में 61.6 फीसदी, 18-44 साल के लोगों में 66.7 फीसदी, 45-60 उम्र में 77.6 फीसदी और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में 76.7 फीसदी एंटीबॉडी पाया गया। दिसंबर जनवरी में हुए सर्वे में तीसरे दौर के सीरो सर्वे में एंटीबॉडी का स्तर 24.1 फीसद था।

ये भी पढ़िए – कोरोना से मौतें: रिपोर्ट में सरकारी आंकड़ों के दस गुना अधिक मौतों का दावा

sero survey

उम्मीद की किरण

अहम बात ये भी है कि इस सर्वे में शामिल स्वास्थ कर्मियों में 85 फीसदी में एंटीबॉडी मिली है। सरकार ने कहा है कि ये एक उम्मीद की किरण है लेकिन लापरवाही नहीं बरती जा सकती है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन सभी को करना होगा। लापरवाही भारी पड़ सकती है। विशेष तौर पर तीसरी लहर को देखते हुए ये अहम है।

 

चूंकि सर्वे में शामिल एक तिहाई लोगों में कोई एंटीबॉडी नहीं मिली है लिहाजा इस हिसाब से देश के चालीस करोड़ लोगों को कोविड संक्रमण का खतरा अब भी बना हुआ है।


समाचारों के लिए हमें ईमेल करें – khabardevbhoomi@gmail.com। हमारे Facebook पेज को लाइक करें और हमारे साथ जुड़ें। आप हमें  Twitter और Koo पर भी फॉलो कर सकते हैं। हमारा Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें – Youtube