आडवाणी के करीबी भाजपा नेता चंदन मित्रा ने छोड़ी पार्टी, थामा इसका दामन…

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पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पांच विधायकों ने शनिवार को कोलकाता में सत्तारुढ़ पार्टी की ओर से आयोजित सालाना शहीद सम्मेलन के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दामन थाम लिया। इस मौके पर भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद चंदन मित्र भी तृणमूल में शामिल हो गए।

कांग्रेस के जो विधायक तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं उनके नाम हैं सबीना यास्मीन, अबू ताहिर, अखरूज्ज्मान, समर मुखर्जी व मोइनुल हसन।

वरिष्ठ पत्रकार चंदन मित्रा दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता माने जाते हैं। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले जब चंदन मित्रा ने बीजेपी का साथ छोड़ा तभी से ये ऐसे कायास लगाए जा रहे थे कि वे टीएमसी में शामिल होंगे।

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राजनीतिक हलकों में ये चर्चा है कि इसी हफ्ते भाजपा से अलग हुए चंदन मित्रा अमित शाह-पीएम मोदी की जोड़ी से साइड लाइन किए जाने की वजह से नाराज चल रहे थे। भाजपा को लिखे अपने इस्तीफे में उन्होंने इस बारे में नाराजगी जाहिर की थी। साथ ही उन्होंने मोदी सरकार की कुछ नीतियों से भी अपनी नाराजगी जताई थी।

चंदन मित्रा भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के करीबी माने जाते थे। 2003 में भाजपा ने नेतृत्व वाली राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान मित्रा को राज्यसभा में मनोनीत किया गया था। वहीं दूसरी बार भाजपा के टिकट पर ही साल 2010 में वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। मौजूदा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी में उनके पास मामूली संगठनात्मक जिम्मेदारी बची रह गई थी। चंदन मित्रा ने साल 2014 का लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के हुगली से किस्मत आजमाई थी, लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे थे।




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