किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, खरीफ फसलों का MSP बढ़ाया

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नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। कैबिनेट ने खरीफ फसलों के न्यूनतन समर्थन मूल्य (एमएसपी) को डेढ़ गुना बढ़ाने पर मुहर लगा दी है। इससे धान की एमएसपी में 200 रुपए का इजाफा हुआ है। बता दें कि पिछले साल धान की 1500 रुपए/कुंतल एमएसपी थी। यानी यह अब तक की सबसे बड़ी बढोत्तरी है। इस वृद्धि से सरकार के खजाने पर 33,500 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

बता दें कि मंगलवार को कृर्षि मंत्री राधामोहन सिंह और नीति आयोग को सदस्य पीएम मोदी से मिले थे। मोदी का लक्ष्य है कि 2022 तक किसानों की आय को दोगुना कर दिया जाए। मोदी सरकार के एमएसपी बढ़ाने से सीधे तौर पर हरियाणा यूपी पंजाब महाराष्ट्र गुजरात जैसे राज्यों को सीधा फायदा पहुंचेगा। विशेषज्ञों की मानें, तो ऐसा होने से घर के बजट में इजाफा होगा। यानी महंगाई बढ़ सकती है, जबकि फसलों का मूल्य 20 फीसदी तक गिरने पर सरकार को एमएसपी मुहैया कराने के लिए सवा लाख करोड़ रुपये खर्च करना पड़ सकता है।

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देश के किसानों को बड़ी राहत देने के सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए आर्थिक विशेषज्ञ अतुल सिंह ने कहा कि जाहिर है कि अनाज और दालों के दाम जब डेढ़ गुना होंगे, तो महंगाई में इजाफा होगा ही। इसका असर होटल, रेस्तरां और ढाबों की थाली पर भी पड़ेगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह जरूरी है, क्योंकि मौजूदा मुद्रास्फीति की तुलना में कृषि उत्पादन की वृद्धि काफी कम है। ऐसे में एमएसपी डेढ़ गुना किए जाने पर देश के अन्नदाता को वाकई में राहत मिलेगी।

वहीं, नीति आयोग के सदस्य और कृषि मामलों के विशेषज्ञ रमेश चंद ने कहा कि डेढ़ गुना एमएसपी किए जाने से महंगाई पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसका कारण अन्य क्षेत्रों की तुलना में कृषि उत्पादन दरें बहुत ही कम हैं। वैश्विक स्तर पर तुलना करें, तो हमारे देश का किसान वाकई में कीमत के मामले में हाशिए पर है और इसमें सुधार बहुत जरूरी है।
वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किसानों के हक में खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन की लागत का 1.5 (डेढ़) गुना  या अधिक करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने दिशा में यह ऐतिहासिक निर्णय किया गया है। गौरतलब है कि खरीफ 2018-19 की फसलों के लिए केंद्र सरकार द्वारा उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत से 96 प्रतिशत तक लाभ देते हुए न्यूतम समर्थन कीमतें घोषित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड में वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए राज्य सरकार द्वारा भी कार्ययोजना बनाते हुए गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। पं.दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किसानों को केवल 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। आर्गेनिक हर्बल स्टेट के लिए कार्ययोजना स्वीकृत की जा चुकी है। दुग्ध संघों के माध्यम से दुग्ध विक्रेताओं को  भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।




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