पर्यटकों के लिए खोली गई उत्तराखंड की ‘फूलों की घाटी’

70

उत्तराखंड में पर्यटकों के लिए वैली ऑफ फ्लावर्स में जाने की अनुमति दे दी गई है। आपको बता दें कि पर्यटकों का 72 घंटे पहले हुए कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

पश्चिमी हिमालयी पर्वत की श्रंखला, हरी घास के मैदान और सफेद बादलों ने एक साथ मिलकर एक सपनों की तरह का स्थान बनाया जिसे वैली ऑफ फ्लावर्स कहा जाता है ।जब आप घाटी की ओर बढ़ते हैं तो cascading झरने बहुतायत मात्रा में मिलते हैं।आपको बता दें कि 1982 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित यह जीवंत घाटी विश्व की विरासत है । प्राचीन सुंदरता रहस्य में वातावरण, प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और वनस्पति शास्त्रियों को यहां के मनोरम दृश्य बहुत ही लुभाते हैं।

यह भी पढ़े :   हरिद्वार में कोरोना के 71 नए मरीज मिले, 4 की मौत

Valley of flowers पश्चिम हिमालय में एक जीवंत और शानदार राष्ट्रीय उद्यान है उत्तराखंड में स्थित यह आकर्षक दिखता है अल्पाइन फूलों और अनेक फूलों की प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध यह उद्यान स्थानिक वनस्पतियों की एक विविध श्रेणी के साथ बेहद सुंदर और श्रम में है यह क्षेत्र कुछ दुर्लभ और लुप्त प्राय जानवरों की प्रजातियों का भी घर है आप एशियाई काले हिरण हिम तेंदुए कस्तूरी मृग लाल उमरी भूरे भालू और नीले भेड़ जैसे जानवरों को यहां पर देख सकते हैं गढ़वाल क्षेत्र के ऊंचे हिमालय में ऊंची इस मनोरम घाटी के बारे में यह भी कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहां से लक्ष्मण जी को ठीक करने के लिए हनुमान जी ने संजीवनी बूटी एकत्र की थी इस जगह पर फूलों की चरागाह है दौड़ती हुई नदियां और पहाड़ों की खूबसूरत पृष्ठभूमि है




LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here