यूपी में दलित अफसर को ग्रामीणों ने नहीं दिया पानी, तबियत बिगड़ी, मुकदमा दर्ज

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छुआछूत को खत्म करने के लिए तमाम कानून भले ही बनाये गए हो लेकिन जाति व्यवस्था में जकड़ा समाज अभी भी इस बुराई से मुक्त नहीं हो पाया है। कौशाम्बी जिले में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दलित होने की वजह से बर्तन में पानी नहीं देने के मामले में छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में तीन ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी, वीडीओ और कोटेदार शामिल हैं। रिपोर्ट लिखने के बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।

उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा ने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के निर्देश पर मंगलवार को वह विकास कार्यों की समीक्षा करने सदर ब्लॉक के अंबावां पूरब गांव गई थीं। वहां उनकी बॉटल का पानी खत्म हो गया। इस पर उन्होंने वहां मौजूद जिम्मेदारों से पानी मांगा।

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सभी ने दलित होने की वजह से बर्तन में पानी देने से इनकार कर दिया। अफसर के मुताबिक मौजूद ग्रामीणों से पानी मांगा तो उन्हें भी इशारा करके मना कर दिया गया। एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने साफ कह दिया कि बर्तन में पानी देने से बर्तन अशुद्ध हो जाएगा। पानी नहीं मिलने की वजह से अफसर की तबीयत बिगड़ गई थी। बीते बुधवार को पीड़ित अफसर ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को शिकायती पत्र दिया।




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