ट्रेन में महिलाओं को दिखा चूहा और फिर मिला 19 हजार का ‘ईनाम’

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मुंबई के एक वकील को ट्रेन के डिब्बे में चूहे और गंदगी का सामना करने का बड़ा इनाम मिला है। उपभोक्ता फोरम ने उसे 19 हजार रुपये के मुआवजे से सम्मानित किया है। उपभोक्ता फोरम ने सेंट्रल रेलवे को ‘सेवा की कमी’ का दोषी ठहराते हुए कहा कि यात्रियों ने प्रीमियम राशि का भुगतान किया था, इसलिए उन्हें प्रीमियम सेवा प्रदान की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

यह घटना साल 2015 की है। दरअसल, एक महिला वकील शीतल कनाकिया अपने एक रिश्तेदार हेमा कनाकिया के साथ 7 नवंबर, 2015 को मुंबई के लोकमान्य तिलक रेलवे स्टेशन से तमिलनाडु जाने के लिए मुंबई एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस में चढ़ीं थीं। इस दौरान दोनों ने ट्रेन के डिब्बे में चूहे को देखा, जिसके बाद उन्होंने रेल कर्मचारियों से इसकी शिकायत की। लेकिन उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया और कहा गया कि ट्रेन में चूहे दिखना आम बात है।

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प्रतीकात्मक

इसके बाद दोनों ने फिर इसकी शिकायत टीसी से की। अपनी लिखित शिकायत में उन्होंने ट्रेन में चूहे, खराब खाना, गंदा पानी और ट्रेन के डिब्बों में गंदगी की बात कही। लेकिन उसके बावजूद भी उन्हें अधिकारियों से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेन में दिए खराब खाने की वजह से उनकी तबीयत खराब हो गई, जिससे वो अपनी छुट्टियां का सही से आनंद नहीं ले पाईं।

रेलवे की ओर से कोई सुनवाई न होता देख महिला वकील ने उपभोक्ता फोरम का रूख किया और उन्होंने सफर के दौरान हुई मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के मुआवजे के साथ ही टिकट के 6,600 रुपये का भुगतान रेलवे से करने की मांग की। ये मामला करीब 3 सालों तक चला और आखिरकार महिला वकील को न्याय मिला।




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