उत्तराखंड में बिजली कर्मियों की हड़ताल स्थगित हो गई है। सरकार ने हड़ताल को देखते हुए छह महीने के लिए  एस्मा लगा दिया है। इसके बाद हड़ताल वापस ले ली गई है। हालांकि सरकार लगातार बिजली कर्मियों से वार्ता कर रही थी लेकिन बिजली कर्मी अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। इसके बाद सरकार ने सख्ती बरती है।


बिजली कर्मियों की हड़ताल harak singh rawat and strike

उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में राज्य भर के 3500 से अधिक कर्मचारी सोमवार रात से हड़ताल पर चले गए थे। इसके चलते पूरे राज्य में विद्युत व्यवस्था चरमराने लगी थी। हालात ये हुए कि कई बिजली घरों में उत्पादन ठप हो गया। जिसके चलते राज्य में बिजली की आपूर्ति बाधित होने लगी। सरकार को केंद्रीय पूल से बिजली खरीदनी पड़ी।

दीपक रावत से तू तू – मैं मैं

वहीं हड़ताली कर्मचारियों को मनाने के लिए उर्जा निगम के एमडी दीपक रावत ने बातचीत शुरु की। देहरादून स्थित यूपीसीएल मुख्यालय में एमडी दीपक रावत और मोर्चा के संयोजक अंसाल उल हक के बीच तूतू मैंमैं शुरु हो गई। हालात इतने खराब हुए कि कर्मचारी नारेबाजी करते हुए वार्ता कक्ष से बाहर निकल आए। इसके बाद ये वार्ता यहीं रुक गई। इसके बाद उर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने मोर्चा के सदस्यों को बातचीत के लिए बुलाया। ये बैठक सर्वे चौक स्थित एक इमारत में हुई। इस बैठक में भी एमडी दीपक रावत मौजूद थे। दिलचस्प ये रहा कि जिस समय बैठक बुलाई गई उस समय वहां बिजली आपूर्ति बाधित थी और जेनसेट चलाकर बैठक करनी पड़ी।

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इस बैठक में उर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने कर्मियों को समझाने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनी। हालांकि हरक सिंह रावत कर्मचारियों से एक महीने का समय लेने में कामयाब हो गए। इस बीच सरकार ने कर्मियों का रुख भांपते हुए राज्य में एस्मा लगाने का ऐलान कर दिया। इसके तहत राज्य में छह महीने तक के लिए कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगा दी गई है।


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