अफगानिस्तान की तालिबान सरकार प्रदर्शन से घबरा गई है। काबुल में कई दिनों से बराबर का अधिकार मांग रही महिलाएं काबुल के सड़कों पर प्रदर्शन कर रही थी। प्रदर्शनकारी महिलाओं से घबराये तालिबान ने कोड़ों से महिलाओं को जमकर पीटा। इसके साथ आदेश जारी कर दिया गया कि बिना न्याय मंत्रालय के इजाजत के प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है।


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अफगानिस्तान में हो रहे प्रदर्शनों से घबराई तालिबान सरकार ने प्रदर्शन की कवरेज से भी परेशान है। तालिबान ने काबुल में प्रदर्शन का कवरेज कर पत्रकारों को भी नहीं बख्शा। तालिबान ने पत्रकारों को बुरी तरह पीटा है।

 

इसी के साथ अफगानिस्तान में नए तालिबानी फरमान के बाद तालिबान ने एक प्रदर्शनकारी युवक को गोली मार दी है। घटना हेरात की है। मारा गया युवक अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था।

 

प्रदर्शनकारी बुधवार सुबह आठ बजे अल्पसंख्यक हजारा समुदाय के प्रभुत्व वाले दक्षिण-पश्चिमी काबुल इलाके दश्त-ए-बारची को विभाजित करने वाले मुख्य मार्ग पर जमा हो गए। महिलाओं के हाथों में विरोध के पोस्टर थे, जिनमें से सबसे आगे चलने वाली महिला के हाथ में एक पोस्टर पर लिखा था, “दुनिया हमें चुपचाप और क्रूरता से क्यों देख रही है?”

इसके तुरंत बाद उन्होंने शहीद मजारी रोड पर अपना मार्च शुरू किया। अपने पोस्टरों को पकड़कर और चिल्लाते हुए कहा, “आजादी!”

 

तालिबान द्वारा एक अंतरिम मंत्रिमंडल की घोषणा के एक दिन बाद विरोध प्रदर्शन हुआ। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में तालिबान के एक लड़ाके को प्रदर्शनकारियों में से एक को कोड़े मारते हुए दिखाया गया है। दो अफगान पत्रकारों को एक पुलिस स्टेशन ले जाया गया और पाइप व राइफल की बट से पीटा गया। तालिबान ने पुण्य को बढ़ावा देने और बुराई की रोकथाम के लिए एक मंत्रालय को फिर से स्थापित किया है, जो तालिबान के अति-रूढ़िवादी ब्रांड इस्लाम के क्रूर प्रवर्तन के लिए समूह के 1996-2001 शासन के दौरान कुख्यात था।

 

मंत्रालय ने चोरों के हाथ काटने और व्यभिचार के दोषी पाए गए महिलाओं को पत्थरों से मारने की सजा दी थी। जर्मनी के रामस्टीन बेस से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी जे ब्लिंकन ने कहा, “सरकार निश्चित रूप से समावेशिता की कसौटी पर खरी नहीं उतरती है। हम उनमें से कुछ व्यक्तियों की संबद्धता और ट्रैक रिकॉर्ड से भी चिंतित हैं।”

 

कैबिनेट के लगभग आधे सदस्य यू.एस. या यू.एन. प्रतिबंधों के अधीन हैं। आंतरिक मामलों के कार्यवाहक मंत्री, सिराजुद्दीन हक्कानी, एफबीआई द्वारा वांछित है, जिसने उस पर 5 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है। हालांकि, ब्लिंकन ने कहा कि वह अंततः सरकार का आकलन करने और इसकी वैधता और यू.एस.-अफगान संबंधों के भविष्य का निर्धारण करने के लिए “कार्रवाई” की प्रतीक्षा करेंगे।


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