भगवान बदरीविशाल की पंच पूजाओं के अंतर्गत आज मां लक्ष्मी की पूजा तथा उन्हें श्री बदरीनाथ मंदिर आने की प्रार्थना की गयी। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने मां लक्ष्मी माता को स्त्रेण भेष में बुलावा भेजा। 18 नवंबर को खडग पुस्तक पूजन हुआ तथा शीतकाल हेतु वेद ऋचाओं का पाठ बंद हो गया।

बड़ी संख्या में तीर्थयात्री मंदिर पहुंचे। कपाट बंद के अवसर हेतु मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंच पूजाओं के पहले दिन 16 नवंबर को प्रात: से गणेश पूजाएं तथा शाम को गणेश जी के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये। 17 नवंबर को श्री आदि केदारेश्वर भगवान के कपाट बंद हुए। कल 20 नवंबर शनिवार को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।