धन्य हैं उत्तराखंड के ये मां – बाप, अपनी विधवा बहू का किया कन्यादान

493

उत्तराखंड के एक मां बाप ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है जो शायद ही अबतक किसी और ने नहीं की गई होगी। देहरादून में एक मां बाप ने अपने बेटे की मौत के बाद उसकी पत्नी यानी अपनी बहू की दोबारा शादी कर उसे जीने की नई वजह दे दी। जी, ऐसा उदाहरण आपने शायद ही आपने अब तक सुना हो लेकिन देहरादून में ऐसा ही हुआ है। देहरादून के बालावाला के रहने वाले हैं विजय चंद। उनके बेटे संदीप की शादी साल 2014 में कविता से हुई थी। परिवार में सब ठीक-ठाक चल रहा था, कविता और संदीप एक दूसरे के साथ जिंदगी के सबसे बेहतरीन पल बिता रहे थे लेकिन ना जाने इन खुशियों को किसकी नज़र लग गई। साल 2015 में एक हादसा हुआ और संदीप की मौत हो गई। हरिद्वार में हुए हादसे ने संदीप के परिवार का कलेजा चीर कर रख दिया। कविता के लिए तो ये सब कुछ किसी बड़े झटके से कम नहीं था। ऐसे में कविता के ससुर विजय चंद और सास कमला ने उसे हिम्मत दी।

ज़रा सोचिए माता-पिता अपने बेटे के जाने के गम में भी आंसू बहा रहे थे और दूसरी तरफ बहू को भी संभालना था। कविता कहती हैं कि एक बार तो वो अपने मायके जाने के बारे में भी सोचने लगी थीं। दिमाग में ख्याल जरूर आया लेकिन जिन सास-ससुर को कविता मां-बाप मान चुकी थी, उन्हें छोड़कर जाना भी मुश्किल ही था। सास- ससुर की फिक्र करते हुए कविता भी उन्हीं के साथ रहने लगी। बहू की जिंदगी में आया सूनापन सास-ससुर को अच्छा नहीं लग रहा था। इस बीच उन्होंने ही कविता से दूसरी शादी की बात की। किसी तरह से कविता मानी, तो उसके लिए लड़का तलाशना शुरू किया गया। ऋषिकेश के रहने वाले तेजपाल सिंह पर जाकर उनकी तलाश खत्म हुई। दोनों परिवारों के बीच सहमति बनी, तो कविता की शादी तेजपाल से करवा दी गई। सास-ससुर वने भीगी आंखों के साथ अपनी बहू कविता को विदा किया। कविता का घर दोबारा बस गया और ये ही तो सास-ससुर की इच्छा थी। समाज में आज भी कई लोग ऐसे हैं, जो विधवा विवाह को लेकर सवाल खड़े करते हैं लेकिन कविता के सास-ससुर ने एक मिसाल पेश की है।