उत्तराखंड में प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार अब विवादों में आ गया है। पुष्कर सिंह धामी सरकार पर इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को रेवड़ी की तरह अपने करीबियों में बांटने के आरोप लग रहा है। अमर उजाला अखबार ने खुले आम ये हेडिंग लगाकर सरकार की छवि पर सवालिया निशान भी खड़े कर दिए हैं।


अमर उजाला amar ujala

उत्तराखंड में अमर उजाला संभवत सबसे अधिक चर्चित और प्रभावशाली अखबारों में से एक है। सियासी गलियारों में अमर उजाला में प्रकाशित खबरें चर्चाओं का हिस्सा बनने का माद्दा रखती हैं।

Teelu Rauteli Award 2021

अमर उजाला ने शनिवार सात अगस्त को प्रकाशित अपने देहरादून के अंक में राज्य में दिए जाने वाले प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कारों के संबंध में एक खबर प्रकाशित की है। अमर उजाला ने इस समाचार की हेडिंग लगाई है – ‘तीलू रौतेली पुरस्कार की बंटी रेवड़ी’

अमर उजाला के डिजिटल फार्मेट में इस खबर की हेडिंग भी कमोबेश कुछ ऐसी ही है – ‘तीलू रौतेली पुरस्कार की बंटी रेवड़ी, मंत्री की बेटी और महिला भाजपा नेता का नाम भी सूची में शामिल’

चर्चाओं में अमर उजाला की हेडिंग

अमर उजाला की ये हेडिंग उत्तराखंड के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।

दरअसल अमर उजाला के मुताबिक, राज्य के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार को रेवड़ी की तरह बांटा गया है। अमर उजाला लिखता है, राज्यस्तरीय तीलू रौतेेली पुरस्कार की इस बार रेवड़ी बंटी हैं। कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल की बेटी और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारी का नाम भी पुरस्कार की लिस्ट में शामिल है।

अमर उजाला की रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड में पहली बार सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों को पुरस्कृत किया जा रहा है। अखबार ने इस संबंध में कई लोगों के वर्जन भी प्रकाशित किए हैं।

अमर उजाला ने बिशन सिंह चुफाल से हुई बातचीत के आधार पर उनका बयान लिखा है। बिशन सिंह चुफाल के अनुसार उनकी बेटी दीपिका चुफाल राज्य में पलायन को रोकने के लिए जैविक मसालों का उत्पादन कर रही है।

अमर उजाला ने बीजेपी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराधा वालिया से भी बात की है। अनुराधा का दावा है कि उन्होंने कोविड काल में कई लोगों की पार्टी के आदेश पर मदद की है। लोगों को मास्क इत्यादि बांटे हैं।

रेखा आर्या और बिशन सिंह चुफाल की साझा फाइल फोटो। हाल ही में रेखा आर्या के विभाग ने बिशन सिंह चुफाल की बेटी को तीलू रौतेली पुरस्कार देने की घोषणा की है।

राजनीति की इंट्री की औपचारिक घोषणा?

दिलचस्प ये है कि अधिकारियों के वर्जन भी छापे गए हैं और महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव और उपनिदेशक के बयान बताते हैं कि तीलू रौतेली पुरस्कारों में राजनीति की इंट्री हो गई है। दोनों ही अधिकारियों के वर्जन से साफ है कि उन्हें पता है कि राजनीतिक हस्तियों को पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। हालांकि दोनों ही अधिकारी इस बात की दुहाई देते दिख रहें हैं कि राजनीति से ही सामाजिक कार्यों की शुरुआत होती है।

वैसे अमर उजाला ने इस खबर में ये भी बताया है कि तीलू रौतेली पुरस्कार साहस, शिक्षा, साहित्य, खेल और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में किए गए अद्वितीय योगदान के लिए दिया जाता है।

अमर उजाला की इस खबर के बाद चर्चाएं खूब हो रहीं हैं। माना जा रहा है कि महिला बाल विकास विभाग का कामकाज देख रहीं रेखा आर्या की अगुवाई में ये लिस्ट तैयार की गई है। इस संबंध में सीएम पुष्कर सिंह धामी को कोई खास जानकारी नहीं थी।


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