राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव के तहत विदेशी भाषा की लिस्ट से गायब हुई चाइनीज़ भाषा

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नई शिक्षा नीति के तहत बड़ा बदलाव करते हुए दुनिया के कल्चर को सीखने और वैश्विक ज्ञान में बढ़ोत्तरी करने के लिए विद्यार्थियों को एक विदेशी भाषा का चयन करना होता है। इन विदेशी भाषाओं की लिस्ट से अब चीन की भाषा ‘चाइनीज़’ को हटा दिया गया है।

देश में केंद्र सरकार द्वारा दो दिनों पहले अप्रूव की गई नैशनल एजुकेशन पॉलिसी में ‘चीनी’ को विदेशी भाषा की लिस्ट से हटा लिया गया है। अब नई शिक्षा नीति के तहत ‘दुनिया के कल्चर को सीखने और वैश्विक ज्ञान में बढ़ोत्तरी करने की स्टूडेंट्स की अपनी इच्छा के अनुसार’ जिन भाषाओं का जिक्र है, उनमें- कोरियन, जापानीज़, थाई, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, पुर्तगाली, रशियन शामिल हैं।

चीनी (मैंडारिन या कैंटोनीज़) भाषा 2019 में रिलीज हुए ड्राफ्ट में मेंशन की गई थी। इसमें जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, चीनी, जापानी का जिक्र वैकल्पिक विदेशी भाषा के तौर पर किया गया था। यह तीन भाषा वाले फॉर्म्युला में शामिल नहीं थी। अब बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अप्रूव्ड पॉलिसी से चाइनीज को निकाल दिया गया है।