Uttarakhand : उत्तराखंड में पिछले लगभग पांच सालों से स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए फीस एक्ट बनाने की बात चल रही है लेकिन सरकार अब तक इसे नहीं ला पाई है। हालांकि अब तक सरकार एक नया प्राधिकरण बनाने की तैयारी कर रही है।


arvind pandey

 

 

उत्तराखंड में स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए पिछले लगभग पांच सालों के स्कूलों के लिए फीस एक्ट लाने की बात चल रही है। हालांकि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के तमाम दावों के बावजूद अब तक ये एक्ट नहीं आ पाया है। अब इसके इस सरकार में आने की संभावना भी कम हो चली है।

 

दरअसल एक्ट का मसौदा विधानसभा के पटल पर रखना होता है। इसके बाद इसपर चर्चा होती है। सदन में पास होने के बाद इसपर राज्यपाल की मुहर लगती है। तब कहीं जाकर कोई एक्ट कानूनी जामा पहनता है।

 

चूंकि अब उत्तराखंड में मौजूदा बीजेपी सरकार के पास अब वक्त कम है। विधानसभा का मॉनसून सत्र भी खत्म हो चुका है। वहीं माना जा रहा है कि राज्य में दिसंबर में चुनाव आचार संहिता लगा दी जाएगी। ऐसे में अब फीस एक्ट की उम्मीदें धुंधली हो चली हैं।

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हालांकि अब शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय अब नया प्राधिकरण बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस प्राधिकरण के जरिए सरकार उत्तराखंड के निजी स्कूलों में मानकों के अनुपालन की कोशिश करेगी।

 

वहीं शिक्षा मंत्री ने दूसरी और, कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों को राज्य आंदोलनकारियों और शहीद सैनिकों की वीर गाथाएं पढ़ाने के लिए सहायक पुस्तकें तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

 

मंत्री पांडेय ने कहा कि अटल उत्कृष्ट स्कूलों के शिक्षकों और प्रिंसपलों को सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाने के लिए सीमैट की ओर से प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। मंत्री अरविंद पांडेय ने अधिकारियों को स्कूलों के संचालन, मानकों का अनुपालन और फीस एक्ट को लेकर राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण(एसएसएसए) की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।


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