Uttarakhand News: कोरोना महामारी की वजह से 555 दिन तक लगातार बंद रहे प्राथमिक स्कूल मंगलवार से खुल गए हैं। 21 सितंबर से राज्य भर के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूल खुल गए हैं हालांकि लेकिन प्राइवेट स्कूलों में अभी भी कई स्कूलों ने ऑफलाइन पढ़ाई के लिए अपना स्कूल परिसर नहीं खोला है। फीस को लेकर सरकार ने साफ किया है कि सरकारी और निजी स्कूलों में केवल ट्यूशन फीस ही ली जाएगी।


प्राइमरी स्कूल schools openingस्कूल खुलने के बाद बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा जिम्मा होगा। बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए स्कूलों को ऐहतियातन उपाय करने होंगे।

शिक्षा सचिव राधिका झा ने अधिकारियों को सभी स्कूलों में कोविड 19 सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। सभी स्कूलों प्रशासन से अपील की कि वो स्कूल संचालन लिए सरकार की ओर से तय एसओपी का अक्षरश: पालन करें। कोरोना संक्रमण में गिरावट आने पर सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को मंगलवार से खोलने का निर्णय किया है। इसके लिए बाकायदा एसओपी भी जारी की जा चुकी है।

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राज्य में 14 हजार 338 सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी प्राथमिक स्कूल हैं।  बीते साल कोरोना संक्रमण शुरू होने पर 14 मार्च 2020 से सभी शैक्षिक संस्थानों को बंद कर दिया गया था। पहली से पांचवीं कक्षा के प्राथमिक स्कूल तब से लगातार बंद चल रहे हैं। शिक्षा विभाग ने सभी को स्कूल संचालकों को कहा है कि स्कूल खोलने के लिए कोविड गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन किया जाए।

वहीं राज्य के कई प्राइवेट स्कूल अभी बंद हैं। संभावना है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में ये स्कूल खुल जाएंगे। हालांकि राज्य में कई स्कूल डे बोर्डिंग और फुल बोर्डिंग भी हैं। ऐसे में ये स्कूल बच्चों के लिए कैसे खोले जाएंगे इसे लेकर स्कूल प्रबंधन तैयारी कर रहें हैं।

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वहीं राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा है कि स्कूलों में कोविड की गाइडलाइन का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी अभिभावक को लगता है कि अभी परिस्थितियां स्कूल भेजने लायक नहीं हैं, तो उन पर कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। कक्षा एक से पांचवीं तक कक्षाएं आफलाइन चलेंगी, लेकिन साथ ही आनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था भी होगी।

आपको बता दें कि राज्य सरकार ने तीन तीन घंटों की पालियों में बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था की है। बच्चे टिफिन नहीं लाएंगे। बच्चों को क्लास में प्रवेश से पहले अच्छे से सैनिटाइज करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही बच्चों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा।


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