उत्तराखंड में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत हो गई है। कोरोना के दौरान अपने परिजनों को खोने वाले बच्चों के लिए सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है।


मुख्यमंत्री वात्सल्य योजनाउत्तराखंड में देहरादून स्थित कैंट रोड पर बने जनता दर्शन हॉल में सोमवार को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत हुई है। इस मौके पर राज्य की महिला विकास एक बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्या भी मौजूद रहीं।

इन्हे मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत कोविड – 19 के चलते अपने परिजनों को खोने वाले बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा। कोविड – 19 के दौरान अपने माता पिता या संरक्षक के अलावा किसी एक कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर घर में बचे बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को हर माह तीन हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही उनके स्वास्थ की देखभाल भी सरकार करेगी। बच्चों के पुनर्वास, चल अचल संपत्ति के साथ ही उनके उत्तराधिकारों की रक्षा के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में पांच फीसदी का आरक्षण भी दिया जाएगा।

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उत्तराखंड में योजना का शुभारंभ सभी जिलों में एक साथ हो रहा है। प्रदेश में माता-पिता दोनों की मृत्यु होने से अनाथ बच्चों की संख्या 151 है। जबकि माता-पिता में से किसी एक कमाऊ सदस्य की मृत्यु से प्रभावित बच्चों की संख्या 2196 है। कोविड से माता-पिता दोनों को खोने वाले बच्चों की संख्या 68 हैं, जिसमें 29 बालक और 39 बालिकाएं हैं। सीएम वात्सल्य योजना के अवसर पर कुल 1062 बच्चों को माह जुलाई की 3 हज़ार की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा रही है।

योजना के तहत अल्मोड़ा से 49 , बागेश्वर से 22 , चमोली से 28 , चंपावत से 59 , देहरादून से 123 , हरिद्वार से 70 , नैनीताल से 146 , पौड़ी गढ़वाल से 122 , राद्रप्रयाग से 54 , उद्यम सिंह नगर से 79 , टिहरी गढ़वाल से 132 , पिथौरागढ़ से 41 और उत्तरकाशी से 137 बच्चे लाभान्वित हुए।


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