उत्तराखंड को पिछले पांच सालों में चार मुख्यमंत्री मिल गए। अब आप कहेंगे कि ऐसा नहीं है। दरअसल ऐसा है और नहीं भी है। तीन मुख्यमंत्रियों ने तो शपथ ले ली लेकिन एक और हैं जिन्होंने शपथ तो नहीं ली लेकिन उनकी पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री मान लिया है। उनका नाम है अजय कोठियाल।


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जी, आम आदमी पार्टी ने अजय कोठियाल को उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में पार्टी का चेहरा घोषित कर दिया है। इस बात की घोषणा खुद पार्टी के सर्वेसर्वा अरविंद केजरीवाल ने की। हालांकि दिलचस्प ये रहा कि आम आदमी पार्टी ने अब तक अपने चुनावी रणनीति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

राजनीतिक इतिहास में पहली बार!

संभव हो कि देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा हो कि किसी राज्य में पहली बार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही पार्टी अपने विधायकों के टिकट से पहले ही मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दे। अब ये आत्मविश्वास है या अति आत्मविश्वास ये वही जानें लेकिन सवाल ये है कि कहीं अजय कोठियाल सिर्फ सीएम इन वेटिंग ही न रह जाएं? क्योंकि किसी भी राजनीतिक लिहाज से ऐसा नहीं लग रहा है कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी बहुमत पाने जा रही है और उनका मुख्यमंत्री बनना तय है।

 

हालांकि बहुत संभव हो कि ये पार्टी की अपनी रणनीतिक समझ के हिसाब से लिया गया फैसला हो। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को आगे कर पार्टी ने अपनी सरकार बनाई थी। लेकिन यहां ये याद रखना होगा कि उसके पहले अरविंद केजरीवाल लंबे समय तक आंदोलन में सक्रिय रहे और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी एक साफ सुथरी छवि बन चुकी थी। याद ये भी रखना होगा कि उनका आंदोलन दिल्ली में हुआ और वो वहीं सरकार बना पाए, इसके अलावा वो किसी भी अन्य राज्य में सरकार बनाने की स्थिती में नहीं आ पाए।

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फौजी का कंधा, सियासत का रास्ता

ऐसे में अब आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड में एक रिटायर्ड फौजी के कंधों पर बंदूक रख सियासत का रास्ता चुना है। आम आदमी पार्टी को उत्तराखंड में अजय कोठियाल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए पार्टी के कम से कम 36 विधायकों का सहारा चाहिए होगा। या फिर 36 विधायकों का समर्थन। मौजूदा हालात में कहीं से ऐसा नहीं लगता है कि पार्टी पूरे उत्तराखंड में एक सीट भी निकाल पाएगी। ऐसे में सवाल फिर वही है कि कहीं अजय कोठियाल सिर्फ सीएम इन वेटिंग ही न रह जाएं।

 

वैसे हो सकता है कि पार्टी के पास इस सवाल का जवाब हो और अगले दौरे में अरविंद केजरीवाल जब देहरादून आएं तो सभी 70 विधानसभा सीटों पर विधायकों के नाम का ऐलान कर दें। लेकिन इस बीच आम आदमी पार्टी ने ये चिंतन जरूर किया होगा कि सिर्फ मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर देने भर से उत्तराखंड की जनता उन्हें वोट दे देगी ऐसा नहीं होगा। ऐसे में अहम ये भी होगा कि पार्टी किन लोगों को विधायक का टिकट देती है और जनता उन्हे चुनती है फिर….


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