Uttarakhand: उत्तराखंड के नवनिर्माण की बात कहने वाली आम आदमी पार्टी ने अपना एजेंडा लगभग साफ कर दिया है। अरविंद केजरीवाल भले ही पिछले कुछ महीनों से उत्तराखंड को भ्रष्ट शासन से मुक्ति दिलाने की बात कहने वाले अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर ये साफ कर दिया है कि वो उत्तराखंड में भी हिंदू मुस्लिम की राजनीति पर ही भरोसा कर रहें हैं।


AJAY KOTHIYAL अरविंद केजरीवाल बुधवार को देहरादून में थे और इस दौरान उन्होंने सेना से सेवानिवृत्त अजय कोठियाल को आम आदमी पार्टी की तरफ से अगले विधानसभा चुनावों के बतौर मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया। दिलचस्प ये भी है कि पिछले दौरे पर आए अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि इस संबंध में सबकी राय ली जाएगी। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने जगह जगह पोस्टर लगाए। इन पोस्टर्स में पूछा गया कि क्या आप कर्नल कोठियाल को राज्य का सीएम बनाना चाहेंगे? अरविंद केजरीवाल ने एक बार भी ये नहीं बताया कि उनकी पार्टी को जनता के जरिए इस सवाल के जवाब में क्या फीडबैक मिला? अगर फीडबैक मिला तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? कहीं ऐसा तो नहीं कि ये सब एक स्टंट था और पार्टी पहले ही अजय कोठियाल को सीएम फेस के तौर पर प्रोजेक्ट करने की तैयारी कर चुकी थी? खैर, ये पार्टी का अंदुरूनी मसला है लेकिन जनता के कंधे पर बंदूक रखना भी ठीक नहीं माना जा सकता है।

अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को अजय कोठियाल को सीएम का चेहरा घोषित किया तो साथ ही एक ट्वीट भी किया। इस ट्वीट से उन्होंने अपनी चुनावी रणनीति भी साफ कर दी। अरविंद केजरीवाल ने लिखा –

रवायती राजनीति का सहारा

जाहिर है कि अरविंद केजरीवाल विकास के मसलों से अधिक फोकस हिंदू मुस्लिम की रवायती राजनीति पर ही कर रहें हैं। अरविंद केजरीवाल ये जानते हैं कि उत्तराखंड में हिंदू आबादी बहुतायत में है। राज्य के मैदानी और तराई के इलाकों में मुस्लिम आबादी जरूर है। हालांकि इस वोट बैंक पर आमतौर पर कांग्रेस का कब्जा रहा है और आप के लिए यहां बहुत कुछ संभावनाएं निकलती नहीं हैं। तराई के सिख बहुल इलाकों में भी कांग्रेस और बीजेपी का मिलाजुला प्रभुत्व है। ऐसे में आम आदमी पार्टी ने हिंदुओं को ही बड़ा वोट बैंक माना है। यहां एक बात और गौर करने वाली है। उत्तराखंड में आमतौर पर खुलेआम हिंदु मुस्लिम के नाम पर वोट मांगने की परंपरा नहीं रही है।

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हिंदुत्व की आड़ लेने वाली बीजेपी भी इस संबंध में बेहद संवेदनशील रही है। पिरान कलियर से लेकर हेमकुंड साहिब तक हर राजनीतिक दल की निगाहों में रहा है।

हालांकि हैरानी इस बात की भी कि है अजय कोठियाल सैन्य पृष्ठभूमि से आते हैं और वहां हिंदू मुस्लिम नहीं देखा जाता है। ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि क्या अजय कोठियाल भी हिंदू मुसलमान वाली राजनीति पर चलकर ही सत्ता पाने की जुगत में शामिल होंगे?


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